हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) ने देहरादून की एक फर्म पर 6.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस मामले में विश्वविद्यालय की तरफ से पुलिस में शिकायत दी थी लेकिन कार्रवाई न करने पर अदालत में इस्तगासा दायर किया। अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने फर्म निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सिविल लाइन थाना प्रभारी पीएसआई कर्मजीत ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
एचएयू के अनुसंधान निदेशक एसके पाहुजा ने अदालत में दायर इस्तगासा में बताया कि एचएयू ने 8 दिसंबर 2018 को देहरादून की फर्म एस्ट्रोन सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया था। इस समझौते के अनुसार ग्रीन हाउस का पहले चरण का काम पूरा होने के बाद 50 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके तहत विश्वविद्यालय ने बैंक में 6 करोड़ 37 लाख 42 हजार रुपये जमा करवा दिए गए। वहीं फर्म की तरफ से ग्रीन हाउस बनाने का काम शुरू ही नहीं किया गया। फर्म के निदेशक गौरव से पूछा तो जवाब मिलता कि विदेश से सामान आना है।
आरोप है कि बैंक कर्मचारियों से मिलीभगत करके निदेशक ने 6 करोड़ 37 लाख 42 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए जो कि समझौते का उल्लंघन था। उनकी तरफ से वर्ष 2019 में पुलिस को शिकायत दी गई थी लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने अदालत में इस्तगासा दायर की थी।