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Gopal Kanda Acquits: दुकानदार से एयरलाइंस तक का सफर, गीतिका सुसाइड केस में जाना पड़ा था जेल, अब मिली बड़ी राहत

Tue, 25 Jul 2023 12:20 PM IST
नवीन दलाल ऑनलाइन डेस्क, रोहतक (हरियाणा)

सार

सिरसा से हलोपा के विधायक गोपाल कांडा ने अपने करियर की शुरुआत छोटे से दुकानदार से की थी। जिसके बाद वह अपना कारोबार एयरलाइंस तक लेकर गए और हरियाणा में मंत्री भी बने। लेकिन एक समय ऐसा आया की उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
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गोपाल कांडा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सिरसा से हलोपा के विधायक गोपाल कांडा का विवादों से पुराना नाता रहा है। लेकिन अब राउज़ एवेन्यू कोर्ट की ओर से विधायक गोपाल कांडा को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गीतिका नाम की एयरहोस्टेस के आत्महत्या मामले में गोपाल कांडा को बरी कर दिया है। वहीं, फर्श से अर्श तक पहुंचने वाली कहावत गोपाल कांडा पर एकदम सटीक बैठती है।

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हलोपा एनडीए गठबंधन में शामिल
मौजूदा समय में कांडा हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को अपना समर्थन दे रहे हैं। उनके भाई गोविंद कांडा भाजपा में है और ऐलनाबाद से पार्टी की टिकट पर उपचुनाव लड़ चुके हैं। गोपाल कांडा की हलोपा एनडीए गठबंधन में शामिल है। बहुचर्चित गीतिका सुसाइड केस में कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब कोर्ट का फैसला विधायक गोपाल कांडा का राजनीतिक भविष्य तय करेगा। क्योंकि उनको कोर्ट ने बरी कर दिया है तो राजनीति में अलग पहचान मिल सकती है। 

एयरलाइंस के मालिक बनने तक सफर
हरियाणा की राजनीति और एक छोटे से दुकानदार से लेकर एयरलाइंस के मालिक बनने तक का गोपाल कांडा का सफर काफी अनोखा रहा है। बताया जाता है कि कांडा ने व्यापार शुरू करने के लिए चंदा तक मांगा था। मिली जानकारी के अनुसार कांडा जूते बनाने का कारोबार करते थे, जो विफल हो गया था। इसके बाद उन्होंने टीवी रिपेयरिंग और इलेक्ट्रिशियन तक का भी काम किया था।
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एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया
लेकिन उनका जूते का कारोबार काफी आगे बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने 1998 में गुड़गांव में प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम रख दिया। इसी के बाद वह कई राजनीतिज्ञों के संपर्क में आए थे। जिसके बाद जीवन में आए उतार-चढ़ाव के चलते और रियल एस्टेट का कारोबार देश के कई शहरों तक फैलने के बाद कांडा ने एयरलाइंस में कदम रखा और उन्होंने गुड़गांव से एमडीएलआर एयरलाइंस की शुरुआत की। इस एयरलाइंस का नाम उन्होंने अपने पिता के नाम मुरलीधर लेखा राम पर रखा था। हालांकि एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया था। 

राजनीतिक करियर
कांडा के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2009 से होती है। इस साल उन्हें इनेलो से टिकट नहीं मिला था, तो उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। वह 6 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए थे। इस जीत ने उनकी तकदीर को बदल दिया और वह राजनीति के किंगमेकर बन गए। इसके बाद से कांडा राजनीति के एक मुख्य चेहरे बन गए। वह हरियाणा में कांग्रेस की गृह राज्य मंत्री बने थे, बाद में वह शहरी निकाय, वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी बने। 

गितिका आत्महत्या केस
हालांकि साल 2012 में गीतिका शर्मा मामले के सामने आने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। गीतिका उनकी एयरलाइंस में ही एयर होस्टेस थीं। जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। गितिका ने अपने सुसाइड नोट में कहा था कि उन्हें कांडा ने प्रताड़ित किया है, जिससे परेशान होकर वो ये कदम उठा रही हैं। इसके बाद कांडा को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन वह साल 2014 में ही जेल से बाहर भी आ गए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने लोकहित पार्टी की स्थापना की। उन्होंने साल 2014 में चुनाव भी लड़ा था लेकिन वह हार गए थे।

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