हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने सरपंच प्रतिनिधि से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के दोषी आदमपुर बीडीपीओ कार्यालय के ग्राम सचिव को 4 साल की सजा सुनाई है। दोषी किरमारा निवासी दिलबाग सिंह पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस संबंध में विजिलेंस ने 26 अगस्त 2019 को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव सारंगपुर के रविंद्र कुमार ने विजिलेंस को शिकायत देकर कहा था कि उसकी पत्नी इंदू गांव की सरपंच है। पंचायती भूमि की नीलामी के रुपये जमा करवाने में देरी होने पर पंचायत सचिव दिलबाग ने उसके खिलाफ डीडीपीओ को शिकायत दे दी। फिर उसने वह शिकायत फाइल करवाने के नाम पर उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद टीम ने रविंद्र को साथ लेकर पुष्पा काम्प्लेक्स के पास पहुंची। रविंद्र ने ग्राम सचिव दिलबाग को 2000 रुपये के 15 नोट थमाए तो टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया था।