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Haryana Weather: उत्तरी जिलों में कम बरसा मानसून, जानिए अभी कम वर्षा का क्या कारण, आगे कैसा रहेगा मौसम

Thu, 04 Jul 2024 12:57 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/ हिसार (हरियाणा)

सार

पंचकूला में सामान्य से 88 फीसदी और अंबाला में 69 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 
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लखनऊ में हुई बारिश। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरियाणा में मानसून पूरे प्रदेश में छा गया है। प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है तो कई इलाके ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। खासकर प्रदेश के उत्तरी इलाकों में, जबकि दक्षिण के जिलों में अच्छी बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले चार दिन बारिश के आसार हैं।
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आठ जुलाई से मानसून कमजोर पड़ने लगेगा। बारिश से कई जिलों में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में सबसे गर्म सिरसा रहा है, जहां का तापमान 42.4 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, अधिकतर जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अब तक 41.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 64.8 एमएम है। करीब 36 फीसदी बारिश की कमी है। पंचकूला में सामान्य से 88 फीसदी, अंबाला में 69 फीसदी, यमुनानगर में 67 फीसदी, कैथल में 81 फीसदी, करनाल में 76 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
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वहीं, महेंद्रगढ़ में सामान्य से 31 फीसदी और नूंह में 29 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई है। वहीं पिछले तीन दिन में महेंद्रगढ़ में सामान्य से 649 फीसदी, रेवाड़ी में 162 फीसदी, चरखी दादरी में 62 फीसदी, भिवानी में 224 फीसदी, फतेहाबाद में 208 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के तीसरे हफ्ते से जोरदार बारिश का अनुमान है। अभी बारिश का पैटर्न ऐसा ही रहने वाला है। इस वजह से लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ रहा है।

हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में 28 जून को मानसून पहुंच गया था और दो जुलाई तक इसने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया था। इसके बावजूद प्रदेश में मानसून की सक्रियता नहीं दिख रही है। मानसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र लगातार विकसित होते हैं, जो अभी नहीं बन रहे हैं। मानसून की अक्षय रेखा मंगलवार को तराई के इलाकों में चली गई थी, जिसकी वजह से उत्तरी हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र तक बारिश हुई जबकि प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में केवल बिखराव वाली छिटपुट गतिविधियां दर्ज की गईं। -डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ ।

कहां कितनी बारिश हुई
जिला कितनी बारिश कम या ज्यादा
  • अंबाला 42.1             69 फीसदी कम
  • भिवानी 46.5             एक फीसदी कम
  • दादरी 29             53 फीसदी कम
  • फरीदाबाद 49.3             14 फीसदी कम
  • फतेहाबाद 38.2             14 फीसदी कम
  • गुरुग्राम 70.8             20 फीसदी ज्यादा
  • हिसार 33.1             34 फीसदी कम
  • झज्जर 27.8             41 फीसदी कम
  • जींद 38.6             44 फीसदी कम
  • कैथल 11.3             81 फीसदी कम
  • करनाल 21.8             76 फीसदी कम
  • कुरुक्षेत्र 31             53 फीसदी कम
  • महेंद्रगढ़ 87.4             31 फीसदी ज्यादा
  • नूंह 80             29 फीसदी ज्यादा
  • पलवल 23.5             48 फीसदी कम
  • पंचकूला 14.8             88 फीसदी कम
  • पानीपत 62.7             8 फीसदी कम
  • रेवाड़ी 58.1             3 फीसदी कम
  • रोहतक 36.2             46 फीसदी कम
  • सिरसा 34             26 फीसदी कम
  • सोनीपत 47.8             26 फीसदी कम
  • यमुनानगर 48.5             67 फीसदी कम
नोट : बारिश एमएम में और यह आंकड़े एक जून से तीन जुलाई तक हैं।
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