यमुनानगर के बाद प्रदेश के पूर्वी, उत्तरी व दक्षिणी जिलों में रविवार को मानसून की एंट्री हो गई। मौसम विभाग के अनुसार 25 जून को दक्षिणी पश्चिमी मानसून ने हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में दस्तक दी है। शनिवार देर रात और रविवार को हुई तेज बारिश इसी का नतीजा है। अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून समय से पहले पहुंच गया है। पिछले 22 वर्षों में 15 बार जून महीने में और 7 बार जुलाई में हरियाणा और दिल्ली में मानसून की एंट्री हुई है। बारिश के बाद सात डिग्री तक पारा गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
उधर, कैथल में गर्मी और उमस से लोग बेहाल नजर आए। फिलहाल बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र बनने व एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। एक टर्फ रेखा दक्षिण पंजाब से हरियाणा के मध्य हिस्से से होती हुई उत्तर प्रदेश, बिहार तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी मिल रही है। इसके प्रभाव से अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, चरखी दादरी व महेंद्रगढ़ में बारिश हुई, जबकि बाकी हिस्सों में बूंदाबांदी हुई।
सोम, पथराला और मारकंडा उफान पर
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश से छछरौली में सोम व पथराला और मुलाना में मारकंडा नदी उफान पर है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान पहरा देकर अपनी फसलों की देखभाल कर रहे हैं। रविवार को मारकंडा का जलस्तर 20 हजार क्यूसेक तक पंहुच गया। वहीं दो दिनों से पहाड़ों में हो रही बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर पानी 20265 क्यूसेक पर पहुंच गया।
गुरुग्राम : बरसात से कई जगह जलभराव, आंधी में गिरे पेड़-बिजली के खंभे
शनिवार देर रात आई आंधी और बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव के साथ ही पेड़ व बिजली के खंभे गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई जो रविवार शाम 5 बजे तक बहाल हो पाई। शनिवार देर रात से रविवार को पूरा दिन लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। हाईवे के सर्विस लेन से लेकर एमजी रोड तक और डीएलएफ की कॉलोनियों से लेकर सामान्य अस्पताल तक हर जगह बारिश का पानी जमा था।
कई जगह बिजली आपूर्ति और ट्रेनें प्रभावित
रोहतक में सुबह 4 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। सुबह साढ़े 8 बजे तक 47.5 एमएम दर्ज की गई। दोपहर दो बजे तक धीमी व मध्यम वर्षा होती रही। सोनीपत में 67 एमएम और गन्नौर 111 एमएम बारिश दर्ज की गई।
झज्जर में 132 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगभग पूरे शहर में ही जलभराव हो गया और बिजली आपूर्ति दिनभर बाधित रही। वहीं कई क्षेत्रों में पंप लगा पानी की निकासी की गई।
रेवाड़ी में 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। महेंद्रगढ़ में 78 एमएम बारिश दर्ज की गई। नौ घंटे बिजली गुल रही। 15 स्थानों पर फॉल्ट हुए।
गन्नौर में बिजली गिरने से रेल परिचालन में असर हुआ। ट्रेनों को मेमो देकर निकाला गया। मरम्मत करने में रेलवे को छह घंटे लगे। चार सवारी गाड़ी सहित कई एक्सप्रेस ट्रेन प्रभावित हुईं।
गर्मी से राहत पर जलभराव बना आफत, किसानों के चेहरे खिले
जीटी बेल्ट के जिलों में रविवार सुबह झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक पानीपत में 90 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। वहीं अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान आई है। इस के साथ ही किसानों ने धान रोपाई का कार्य तेजी के साथ शुरू कर दिया। मानसून की पहली बारिश से अधिकतर जिलों में सीवर और नाले जाम होने से जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। बारिश के दौरान करनाल के घरौंडा में एक कार फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया। उधर, कैथल में गर्मी और उमस से लोग बेहाल नजर आए।
यहां इतनी बारिश
जिला एमएम
- झज्जर 132
- पानीपत 90
- महेंद्रगढ़ 78
- गुरुग्राम 75
- सोनीपत 67
- रोहतक 47.5
- करनाल 47.3
- कुरुक्षेत्र 40
- रेवाड़ी 24
- अंबाला 23.6
- यमुनानगर 19
- अंबाला 7