हिसार। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्व उद्यमिता दिवस पर हरियाणा राज्य उद्यमिता आयोग के गठन का एलान किया। स्टार्टअप आइडिया के लिए स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और जिलास्तर के विजेताओं को एक करोड़ रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में वीरवार को विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित पहले राज्यस्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश में 1.50 लाख स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिसमें हरियाणा में 9000 स्टार्टअप हैं। इनमें 45 प्रतिशत महिलाएं भी हैं। हरियाणा में स्टार्टअप की संख्या को तीन गुना बढ़ाकर 27 हजार तक किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा को स्टार्टअप मामले में नंबर वन लाने का लक्ष्य लेकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार में इस साल के अंत तक नई शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू हो जाएगी, जिसमें स्टार्टअप व उद्यमिता पर फोकस किया गया है। प्रदेश के 197 स्कूल-कॉलेजों में स्किल डेवलेपमेंट के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा व्यवस्था में क्रेडिट प्रणाली को विकसित किया जाएगा। स्कूल- कॉलेज स्तर पर स्किल हासिल करने वाले युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में भी प्राथमिकता मिलेगी। शार्क टैंक की थीम पर स्कूल ,कॉलेज, आईटीआई, बहुतकनीकी संस्थानों में प्रतियोगिता कराई जाएगी। बड़े उद्योगाें के साथ एमओयू किया जाएगा, जिसमें स्टार्टअप को मूर्त रूप में लाने में उनका सहयोग किया जाएगा।
10 लाख का पुरस्कार, कौशल प्रशिक्षक के तौर पर रोजगार
प्रशासन के सहयोग से स्वदेशी मेलों का आयोजन होगा
प्रदेश और जिला पर हर साल खुली कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना के तहत 2000 विद्यार्थियों को उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनको 10 हजार का मासिक मानदेय दिया जाएगा। विश्व कौशल ओलंपिक में हरियाणा के पदक विजेताओं को 10 लाख का पुरस्कार, उनके व्यापार के लिए 10 लाख की अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। ऐसे पदक विजेता जो अपना कारोबार नहीं करना चाहते तो उन्हें स्कूल,कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक में कौशल प्रशिक्षक के तौर पर रोजगार देंगे। कौशल ओलंपिक में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों को 5 लाख रूपये की सहायता देंगे।
एयरपोर्ट के पास 2988 एकड़ में बनेगा एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर
हिसार में एयरपोर्ट के पास 2988 एकड़ में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि इसके लिए 20 अगस्त को नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के साथ स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि हिसार में विकसित हो रहा एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप स्थित है। 4,680 करोड़ रुपये की लागत और 32,417 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता वाले इस क्लस्टर से 1.25 लाख से अधिक रोजगार अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।