हरियाणा ने कृत्रिम गर्भाधान की मदद से दुधारू पशुओं की नस्ल में सुधार के साथ-साथ प्रति व्यक्ति दूध की उत्पादकता भी बढ़ाई है। पिछले दो सालों में भैंसों की तुलना में गायों की संख्या में 6.91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हरियाणा पशुपालन विभाग का यह भी दावा है कि भैंसों की तुलना में कृत्रिम गर्भाधान से प्रदेश में गायों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि प्रति व्यक्ति दूध उत्पादकता भी बढ़ी है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-2021 में प्रति व्यक्ति दूध उत्पादकता 1063 ग्राम थी जो वर्ष 2022-23 में करीब 1099 ग्राम हो गई है। दुधारू पशुओं के नस्लों में सुधार और दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशुपालकों को प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2020-2021 में कृत्रिम गर्भाधान से गायों की संख्या में 1.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं वर्ष 2022-23 में 5.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बता दें कि वर्ष 2019 की पशुगणना के मुताबिक हरियाणा में गायों की संख्या 1932039 है तो भैंसों की संख्या 4376644 है। गायों की तुलना में भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान कम होने पर केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. अशोक बल्हारा कहते हैं कि भैंसों में भी कृत्रिम गर्भाधान में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे दूध की उपलब्धता के साथ-साथ अच्छी नस्ल की भैंस बढ़ी हैं। कृत्रिम गर्भाधान को वर्ष 2050 तक बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
पशुओं के इलाज के लिए हिसार में बन रहा कॉल सेंटर
बीमार पशुओं के इलाज के लिए हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा हिसार में प्रादेशिक काॅल सेंटर बनवाया जा रहा है। आने वाले समय में पशुपालक 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके मोबाइल वैन मंगवा सकते हैं। इसके लिए हिसार से 35 मोबाइल पशु वैन खरीदकर फील्ड में उतारी गई हैं। अगले हफ्ते यहीं से प्रदेश के लिए 35 और मोबाइल पशु वैन की आपूर्ति की जाएगी।
वेटरनरी सर्जन न होने से उपचार की चुनौती
सरकार इलाज के लिए कॉल सेंटर बनवा रही है, लेकिन पशु चिकित्सकों के काफी पद रिक्त होने से समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने चुनौती आएगी। अभी प्रदेश में वेटरनरी सर्जन के 1147 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 390 पद खाली बताए गए हैं।
पशुपालन विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। पशु नस्ल सुधार के कारण प्रति व्यक्ति दूध की मात्रा में बढ़ोतरी हो रही है। पशु पालन विभाग को कुछ एंबुलेंस मिली हैए जो जल्द ही चालू होंगी। हिसार में कॉल सेंटर भी बनाया जा रहा हैए जिसके जरिये इन एबंलुेंस को मौके पर भेजा जाएगा। -
डॉ. सुभाष जांगड़ा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हिसार