मनाली में भारी बारिश व बाढ़ के दौरान फंसे हरियाणा के हांसी के पांच परिवार सकुशल लौटे आए हैं। बारिश व बाढ़ के कारण पांचों परिवार तीन दिन तक होटल में फंसे रहे। रास्ता खुला तो 12 घंटे में मनाली से कुल्लू पहुंचे। घर पहुंचने में 30 घंटे लगे।
पांचों परिवार हांसी के बैंक कॉलोनी के रहने वाले हैं। इनमें मनोज खट्टर, प्रशांत कक्कड़, हन्नी अरोड़ा, नीशु खन्ना व राजन खेत्रपाल हैं। कुल 17 लोग हांसी से ट्रैवलर बुक करके 7 जुलाई को मणिकरन व मनाली के लिए गए थे। 8 जुलाई को सुबह पांच बजे मणिकरन में पहुंचे। वहां दर्शन करने के बाद सुबह आठ बजे मनाली के लिए निकले थे।
कुल्लू में कुछ देर रुके व शाम पांच बजे मनाली पहुंचे। इस दौरान रास्ते में बारिश हो रही थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि मौसम और भी ज्यादा खराब होने वाला है। मनोज खट्टर ने बताया कि वहां बारिश लगातार होती रही। जिससे हालात खराब होते गए। उनका प्लान सोमवार को सुबह वापिस हांसी पहुंचने का था, लेकिन बारिश के चलते वहीं पर फंस गए।
उन्होंने कहा कि माल रोड के पास स्थित नदी में पानी पूरा उफान पर था। जगह-जगह पत्थर गिर रहे थे। टीवी चैनलों पर मनाली के हालातों की खबर देखकर परिजन भी परेशान हो रहे थे। बारिश के चलते वहां पर नेटवर्क की समस्या भी आ रही थी। जिसके कारण घर पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि वह व्हाट्सएप पर मैसेज भेज देते थे। जैसे थोड़ा नेटवर्क आता तो मैसेज घर तक पहुंचता।
फोन कॉल से घर पर ज्यादा संपर्क नहीं हुआ। वहां बिजली के खंभे बारिश में बह गए। जिसके चलते वहां बिजली भी नहीं थी। उन्होंने बताया कि होटल दो दिन के लिए बुक किया था। दो दिन का समय पूरा होने पर होटल वाले मनमर्जी चलाने लगे।
खाने पीने के सामान की भी समस्या होने लगी। वह अपने साथ 50 पैकेट मैगी के लेकर गए थे। बाद में इसी के सहारे काम चलाया। उन्होंने बताया कि वह माल रोड पर स्थित होटल में रुके थे। माल रोड पर बारिश के कारण ज्यादा असर नहीं था, लेकिन माल रोड के साथ लगते अन्य रास्तों पर भारी पत्थर जमा थे।
हन्नी अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार सुबह 12 बजे वहां से निकले। रास्ते को वनवे किया हुआ था, लेकिन रास्ते में काफी गाड़ियां व पत्थर होने के कारण 12 घंटे में महज 30 किलोमीटर दूर कुल्लू में पहुंचे। तीन घंटे उन्हें मंडी तक पहुंचने में लगे। उसके बाद बुधवार शाम छह बजे वह हांसी में घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस दौरान घर की बहुत याद आई। लगता था कि कभी घर वापस पहुंचेंगे भी या नहीं। जिंदगी में कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था।
प्रशांत कक्कड़ ने बताया कि वहां प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया कि होटल से बाहर नहीं जाना इसलिए होटल में रुके रहे। सड़कें खिसकी हुई थी। रोड डायवर्ट किया हुआ था। हाईवे बंद था। लिंक रोड से निकल कर आए। रास्ते में ट्रैफिक बहुत था। जाम लंबा लगा हुआ था। 30 घंटे का सफर करके घर पर पहुंचे।