ग्रामीणों ने कहा कि बिजली निगम जगमग योजना के बहाने ग्रामीणों के बिजली के मीटर घरों से बाहर निकालकर उनके स्थान पर डिजिटल मीटर लगाने की सोच रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि वह बिजली निगम के इन डिजिटल मीटरों को लगाने का विरोध करते हैं।
गांवों में डिजिटल बिजली मीटर लगाने की सूचना के बाद ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जो पुराने बिजली के मीटर लगे हुए हैं वह ठीक है मगर बिजली विभाग नए डिजिटल मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है जिसका ग्रामीण बहिष्कार करते हैं।
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गांव मसूदपुर में डिजिटल बिजली मीटर लगाने की सूचना के बाद रविवार को समस्त गांव के लोगों ने एकत्रित होकर रोघी खाप के पूर्व अध्यक्ष रोशन दलाल की अध्यक्षता में बैठक की। ग्रामीणों ने बिजली निगम के नए मीटरों का विरोध किया है। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर बिजली निगम की योजना का विरोध किया है।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए रोशन दलाल व युवा किसान नेता सुनील दलाल ने कहा कि नए डिजिटल मीटर गांव में नहीं लगने देंगे। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर बिजली निगम की जगमग योजना का विरोध करते हुए शपथ ली कि गांव में बिजली विभाग के अधिकारियों को मीटर घरों से बाहर निकालने नहीं देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े पीछे नही हटेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अगर बिजली निगम के अधिकारी जबरदस्ती डिजिटल मीटर लगाने का काम करेगी तो हम उसका डट कर विरोध करेंगे।
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जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। ग्रामीणों ने जगमग योजना को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि खेतों में सिंचाई के लिए तो उन्हें मात्र 6 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है जबकि गांवों में जगमग योजना लागू करके 24 घंटे बिजली देने की बात कहती है। अगर सरकार वास्तव में किसानों का हित चाहती है तो इस योजना को बंद करके खेतों में सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली देने की बात करे, ताकि किसान अपनी फसलों को सही समय पर पानी लगा सकें और खेतों की प्यास बुझा सकें।