जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जी रजिस्ट्री के मामले में शिकायतकर्ता आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता सात-आठ साल से इस मामले को लेकर न्यायालयों के चक्कर काट रहे थे। उनके निधन के बाद अब फाइल को दबाने की कोशिश भी की गई, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश और परिवार की कोशिशों के चलते मामला आगे बढ़ा है।
जमीन के दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गिरफ्तार किए गए हांसी व्यापार मंडल प्रधान प्रवीण तायल के खिलाफ शिकायतकर्ता आयुष गर्ग ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता प्रमोद गर्ग पिछले करीब सात-आठ साल से इस मामले को लेकर न्यायालयों के चक्कर काट रहे थे। उनके निधन के बाद अब फाइल को दबाने की कोशिश भी की गई, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश और परिवार की कोशिशों के चलते मामला आगे बढ़ा और व्यापार मंडल प्रधान प्रवीण तायल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जिससे न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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कागजों में छेड़छाड़ कर 120 वर्ग गज जमीन को 1200 वर्ग गज किया- शिकायतकर्ता
आपको बता दे कि आयुष गर्ग ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में एक फर्जी असेसमेंट तैयार की गई थी। इसमें 120 वर्ग गज जमीन दर्ज थी, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेज में छेड़छाड़ कर 120 के आगे शून्य जोड़कर इसे 1200 वर्ग गज कर दिया गया। इसके बाद इसी असेसमेंट को आधार बनाकर तहसीलदार के समक्ष रजिस्ट्री कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी असेसमेंट के आधार पर रजिस्ट्री कराने के बाद जमीन को आगे भी बेचा गया। उनके अनुसार वर्ष 2019 में 113 गज और 35 गज जमीन आगे ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि पूरे मामले में कई लोगों की भूमिका जांच का विषय है।
आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता प्रमोद गर्ग ने मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। करीब 23 मई 2025 के आसपास उनके पिता हाईकोर्ट पहुंचे और दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ की शिकायत रखी। उनके अनुसार सरकारी रिपोर्टों में भी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की बात का उल्लेख था। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने को कहा।
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इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज की। आयुष गर्ग ने कहा कि वह प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ गंभीर अपराध है और मामले में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।आयुष गर्ग के मुताबिक मामले में कुल सात लोगों के नाम सामने आए हैं, जबकि अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों में प्रवीण तायल के परिवार के अन्य लोग भी शामिल हैं, जबकि दो ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम जमीन आगे बेचने की प्रक्रिया में सामने आए हैं। हालांकि, अन्य आरोपियों की भूमिका जांच का विषय है और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पिता के निधन के बाद फाइल को दबाने की कोशिश की गई - शिकायतकर्ता
आयुष गर्ग ने कहा कि उनके पिता ने इस मामले को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उनके निधन के बाद भी परिवार ने इस मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिता के निधन के बाद फाइल को दबाने की कोशिश भी की गई, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश और परिवार की कोशिशों के चलते मामला आगे बढ़ा।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस समय उनके पिता की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही है। यह लड़ाई उनके पिता ने शुरू की थी और आज उनके नहीं होने पर परिवार इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस निष्पक्ष जांच करते हुए मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।