हांसी। चानौत गांव में पानी के लिए शहरी पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देने के समर्थन में ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे सड़क के बीचोबीच टेंट लगाकर हांसी-बरवाला रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक टी-कनेक्शन के माध्यम से पानी की मांग पूरी नहीं होती धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। हालांकि करीब दो घंटे बाद जाम हटा दिया। इस दौरान धरनास्थल से कुछ दूरी पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
धरना समिति के सदस्य अनूप चानौत ने बताया कि जल आंदोलन की जिम्मेदारी अब रोघी व बूरा खाप के 24 गांवों के प्रतिनिधि संभालेंगे। इसके तहत प्रतिदिन एक गांव आंदोलन का संचालन करेगा। उस दिन संबंधित गांव की पूरी पंचायत और महिलाएं भी धरने पर आएंगी। उस दिन की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उसी गांव की होगी। सभी 24 गांवों के सरपंचों की मंगलवार को चानौत धरना समिति के साथ बैठक होगी। इसमें आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
धरना समिति ने स्पष्ट कहा कि सरकार आंदोलन को कितना भी लंबा खींच ले ग्रामीण अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे। इससे पहले दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने धरनास्थल के पास ही रोड पर जाम लगा दिया। डीएसपी रविंद्र सांगवान और सदर थाना प्रभारी सदानंद मौके पर पहुंचे। इन्होंने ग्रामीणों से जाम खोलने और टेंट हटाने को कहा। ग्रामीणों ने कहा कि रोड जाम की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी। टेंट के संबंध में कहा कि धूप से बचाव के लिए इसे लगाया है। दोपहर तीन बजे जाम समाप्त कर दिया गया और टेंट भी हटा लिया गया।
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत पाइपलाइन का कार्य रुकवाया है। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मंगलवार को आंदोलन को समर्थन देने के लिए रोहतक, झज्जर, सोनीपत और दिल्ली देहात की 36 खापों के प्रतिनिधि भी पहुंचेंगे।