हांसी। मानसून की दूसरे दिन की बारिश ने साफ कर दिया कि प्रशासन की मानसून से निपटने के लिए तैयारी नहीं है। करीब आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। बाजारों में पानी भरने से सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। बाजार बंद हो गए। लोगों का घरों से निकलना तक बंद हो गया। अधिकारी और जनप्रतिनिधि एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते नजर आए। आधे घंटे की बारिश में शहर जलमग्न दिखा। जगह-जगह हुए जलभराव से प्रशासन की मानसून से निपटने की तैयारियों के दावों की हवा निकल गई। देर शाम तक कुछ हिस्सों से थोड़ा-बहुत पानी निकल गया, लेकिन काफी निचले हिस्सों में पूरी तरह से जलभराव की स्थिति रही। जलनिकासी के समुचित प्रबंध कहीं नहीं दिखे।
सोमवार को भी बूंदाबांदी हो रही थी। लेकिन मंगलवार शाम 4 बजे बदरा जमकर बरसे। लोगों को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन बारिश के बाद हुए जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। नालों की सफाई के लिए नपा व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावे कर रहे थे कि उन्होंने नालों की सफाई के लिए कार्य शुरू करवा दिया हैं। मगर जमीनी स्तर पर कहीं पर बारिश नालों की सफाई नहीं हो पाई।