हिसार, आदमपुर, नारनौंद, हांसी। जिले में शुक्रवार को बारिश आफत बनकर आई। इस दौरान जिले में 50 गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे सब्जियों व सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं, शहर के सेक्टर-14 में करंट लगने से मुनीम की मौत हो गई। शुक्रवार अल सुबह से लेकर शाम 5:30 बजे तक हिसार में 15.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही बारिश का पिछले 7 साल का भी रिकॉर्ड भी टूट गया।
शुक्रवार दोपहर जिले के करीब 50 गांवों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से सरसों व सब्जी की खेती को नुकसान हुआ है। इस दौरान नारनौंद खंड में नारनौंद शहर, बुडाना, राखी शाहपुर, राखी खास, मिलकपुर, खेड़ी रोज, मिर्चपुर, गामड़ा, खेड़ी चौपटा, कापड़ों, गैबीनगर, नाड़ा, कोथ कलां, कोथ खुर्द, माजरा, पेटवाड़, राजपुरा, पाली, माढ़ा, भैणी अमीरपुर, मोठ, लोहारी राघो, गढ़ी अजीमा सहित उपमंडल के कई अन्य गांवों में ओलावृष्टि के कारण सरसों सहित अन्य फसलों को नुकसान हुआ है।
आदमपुर उपमंडल के गांव मोडाखेड़ा, काबरेल, सदलपुर, किशनगढ़, खारा बरवाला, मोहबतपुर, ढाणी मोहबतपुर, घुड़साल, तेलनवाली, चौधरीवाली, चबरवाल सहित कुछ अन्य गांवों में ओलों से नुकसान की सूचना है। अभी कृषि विभाग की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं बनाई गई है। वहीं, हांसी उपमंडल के कई गांवों में ओलावृष्टि के दौरान सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। ठंड के कारण लोग घरों में दुबक कर बैठ गए। ओलावृष्टि से हांसी के दिल्ली रोड क्षेत्र, गांव ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, जमावड़ी व रामपुरा में अधिक प्रभाव पड़ा। इन गांवों में सब्जी की खेती अधिक होती है। ओलावृष्टि से आलू, मेथी, कद्दू और टमाटर की फसल नष्ट होने से किसानों के चेहरे पर मायूस छाई नजर आई। किसानों ने बताया कि 3 मिनट तक गिरे ओलों से धरती सफेद हो गई। इस समय फसलों को हुए नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। दरअसल बीमा के लिए 31 दिसंबर तक किस्त काटी जाएगी। एक जनवरी के बाद ही बीमा शुरू होगा।
बिजली गुल होने पर मैकेनिक की मदद कर रहा था सुनील
गांव सारंगपुर निवासी सुनील सेक्टर-14 में एक मकान में किराये पर रहता था। बिजली लाइट खराब होने पर भारत नगर निवासी बिजली मैकेनिक पंकज को बुलाया था। पंकज घर की लाइट ठीक कर रहा था। इस दौरान सुनील उसकी मदद कर रहा था कि उसे करंट लग गया। पंकज ने उसे नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनील एक ठेकेदार के पास मुनीम के तौर पर काम कर करता था।
ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से बहुत से क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसलिए सरकार को तुरंत प्रभाव से गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा प्रदान करना चाहिए। भाजपा सरकार को किसानों की सुध लेते हुए उनके हितों के लिए कार्य करना चाहिए। सरकार विशेष गिरदावरी के आदेश करे। - चंद्रप्रकाश, विधायक, आदमपुर
कुछ गांवों में ओले गिरने के बारे में प्राथमिक सूचना मिली है। फसलों के नुकसान को लेकर अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। खंड कृषि अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। अधिकारियों के निर्देश अनुसार रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डॉ. राजबीर सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग हिसार
7 साल बाद एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश
हिसार में शाम साढ़े 5 बजे तक 15.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2017 में 12 दिसंबर को एक दिन में 8.0 एमएम बारिश हुई थी। उधर बारिश से शहर के दिल्ली रोड सहित अन्य जगहों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों की मानें तो संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण थोड़ी सी बारिश से ही जलभराव हो जाता है। बारिश के कारण दिन के तापमान में 6.8 डिग्री की गिरावट आई और यह 14.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 5.8 डिग्री कम रहा। इसके साथ ही दिन भर कोल्ड डे की स्थिति रही।
पिछले वर्षों में हुई बारिश
वर्ष-तिथि-बारिश
2023-01 दिसंबर-3.1 एमएम
2022-00-0.0 एमएम
2021-27 दिसंबर-2.0 एमएम
2020-00-0.0 एमएम
2019-13 दिसंबर-2.4 एमएम
2018-00-0.0 एमएम
2017-12 दिसंबर-8.0 एमएम
2016-00-0.0 एमएम
2015-00-0.0 एमएम
2014-14 दिसंबर-2.4 एमएम
2013-00-0.0 एमएम
2012-14 दिसंबर-4.2 एमएम