हिसार। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वे अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं। शिक्षा निदेशालय ने भी नामांकन बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार से संबंधित जागरूक कार्यों के लिए इस साल बजट में भी इजाफा किया है। इसके अनुसार प्रति स्कूल अब नामांकन बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार पर बीते साल से दस गुना अर्थात 5 हजार रुपये खर्च किए जा सकेंगे। इस बार गुरुजी ऑटो पर बैनर लगाकर व निजी खर्चें पर कार से घर-घर पहुंच रहे हैं।
20 व इससे कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों पर नजर
डीईईओ की ओर से रोजाना उन विद्यालयों के मुखियाओं की वर्चुअल मीटिंग ले रही है, जिनमें 20 व इससे कम विद्यार्थियों की संख्या है। जिले की बात करें तो 40 सरकारी स्कूल ऐसे है, जिनमें 20 व इससे कम विद्यार्थी पढ़ते हैं। वर्चुअल मीटिंग में उन कारणों पर मंथन किया जाता है कि किस कारण से विद्यार्थियों की संख्या कम है और नामांकन बढ़ाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन पर रिपोर्ट ली जा रही है। आला अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि पहले सप्ताह व मासिक रूप से वर्चुअल मीटिंग ली जाएगी, जिसमें उपरोक्त स्कूलों के प्राचार्यों से रिपोर्ट ली जाएगी।
पहली से 8वीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या का आंकड़ा
कक्षा - 2024-2025 - 2025-2026 - अंतर
बालवाटिका - 3723 - 1752 - 1971
पहली - 5337 - 5289 - 48
दूसरी - 5784 - 5855 - 71
तीसरी - 9249 - 5828 - 3421
चौथी - 11130 - 8969 - 2161
पांचवीं - 11683 - 10732 - 951
छठी - 11582 - 8615 - 2967
सातवीं - 11950 - 11476 - 810
आठवीं - 12959 - 11476 - 1483
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हमारी तरफ से पूरा प्रयास है कि इस साल सरकारी स्कूलों में दो से तीन गुना नामांकन को बढ़ाया जा सके। प्राइमरी व मिडिल स्कूल के शिक्षक डोर टू डोर जाकर नामांकन कम होने के कारणों सहित विषयों पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। 20 व इससे कम विद्यार्थियों वाले सरकारी स्कूलों पर विशेष नजर है। - डॉ. निर्मल दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार।