हिसार। प्रदेश सरकार अब कॉलेजों की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया कदम उठाने जा रही है। जिस तरह से स्कूल शिक्षा में ‘राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल’ ने उत्कृष्टता का उदाहरण पेश किया है, उसी तर्ज पर अब उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के चुनिंदा कॉलेजों को ‘राजकीय मॉडल संस्कृति कॉलेज’ के रूप में विकसित करेगा। शहर के गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय को इस योजना में शामिल किया गया है। 6 व 7 नवंबर को पंचकूला में आयोजित वर्कशॉप में उन सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को भी बुलाया जाएगा, जिनका चयन किया गया है। वर्कशॉप में बताया जाएगा कि मॉडल संस्कृति बनने के बाद क्या सुविधाएं मिलेंगी व विद्यार्थियों को कैसे लाभ होगा।
इस पहल का उद्देश्य कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने का है। इसके तहत कॉलेज में ‘सीखते हुए कमाएं’ मॉडल लागू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर आर्थिक रूप से भी सशक्त बन सकेंगे। गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में वर्तमान में 5000 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से छात्रों को न केवल बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
मॉडल संस्कृति कॉलेज बनने से स्टाफ में नई ऊर्जा और कार्य के प्रति जोश आएगा। कॉलेज को अधिक ग्रांट प्राप्त होने से इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा और विद्यार्थियों के लिए नई फैसिलिटीज़ जोड़ी जा सकेंगी। फिलहाल कॉलेज में 17 स्मार्ट क्लासरूम हैं। योजना के तहत सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में बदलने का लक्ष्य है, जिससे शिक्षक और विद्यार्थी दोनों एडवांस तकनीक का लाभ उठा सकें। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और लेटेस्ट डिजिटल टूल्स का उपयोग कर शिक्षा को अधिक रोचक, प्रभावी और आधुनिक बनाया जाएगा। यह कदम कॉलेज को डिजिटल युग की शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को नए युग के अनुरूप तैयार करेगा।
वर्जन
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें कॉलेज को ‘राजकीय मॉडल संस्कृति कॉलेज’ में शामिल किए जाने संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, 6 और 7 नवंबर को पंचकूला में मंथन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें आमंत्रित किया गया है। - डॉ. विवेक सैनी, प्राचार्य, गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय।