कोरोना काल में निजी स्कूल संचालकों ने तो अभिभावकों को ऑफर का लालच देना शुरू कर दिया है। इसके तहत स्कूल संचालक कई माह की फीस एक साथ जमा करवाने पर कुछ फीस माफ करने की ऑफर अभिभावकों को दे रहे हैं। इस तरह के ऑफर देने वालों में शहर के कई नामी-गिरामी स्कूल शामिल हैं। हालांकि सिर्फ आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावक ही इन ऑफर का फायदा उठा रहे हैं।
बता दें कि लॉकडाउन के कारण करीब दो माह सभी तरह के काम-धंधे बंद रहे। चूंकि इस दौरान शिक्षण संस्थान भी बंद रहे। इस देखते शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूल संचालकों को आदेश दिए कि कक्षाएं शुरू न होने तक कोई स्कूल संचालक अभिभावकों से सिवाय ट्यूशन फीस के कोई अतिरिक्त शुल्क न लें। साथ ही कोई अभिभावक यदि ट्यूशन फीस देने में भी असमर्थ है तो उस स्थिति में भी उसके बच्चे का नाम न काटा जाए।
शहर के सेक्टर 16-17 स्थित एक निजी स्कूल ने अभिभावकों को ऑफर दिया है कि अगर वह सात माह की फीस एक साथ जमा करवाते हैं तो एक माह की फीस माफ कर दी जाएगी। स्कूल की तरफ से सभी अभिभावकों को इस ऑफर के मैसेज भी किए गए हैं। कई अभिभावकों ने तो इस ऑफर को हाथो-हाथ कैश भी किया है। नाम न छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने बताया कि स्कूल खुद यह ऑफर दे रहा है तो इसमें बुरा क्या है।
कोई छूट नहीं तीन माह की भरो फीस
शहर के दिल्ली रोड के एक निजी स्कूल ने अभिभावकों से अप्रैल से जून तक की फीस जमा करवाने को कहा है। एक अभिभावक ने बताया कि उसका बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ता है। स्कूल की तरफ तीन महीने की फीस जमा करवाने का मैसेज आया है। हालांकि अभी तक उन्होंने फीस जमा नहीं करवाई है।
दो माह की मांगी फीस
शहर के राजगढ़ रोड स्थित एक निजी स्कूल ने अभिभावकों से दो माह की फीस भरने को कहा है। एक अभिभावक ने बताया कि उसका बेटा तीसरी कक्षा में पढ़ता है। कुछ दिनों पहले अप्रैल व मई की फीस जमा करवाने का मैसेज स्कूल की तरफ से आया था।
हमारे पास अगर कोई अभिभावक लिखित में शिकायत देता है तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- धनपतराम, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
जब स्कूलों में पढ़ाई ही नहीं हो रही तो निजी स्कूलों को फीस भी नहीं लेनी चाहिए। इस कोरोना काल में सरकार को निजी स्कूलों के शिक्षकों को वेतन देना चाहिए।
- आरसी जग्गा, प्रधान, अभिभावक मंच