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जाट कॉलेज के गेट पर डटे ‘अतिथि’, प्रशासक बोले-समय दीजिए, न्याय मिलेगा

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जाट कॉलेज के बाहर रात को बच्चों के साथ धरने पर बैठीं गेस्ट टीचर्स। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। शहर में छाजूराम मेमोरियल जाट कॉलेज से हटाए गए अतिथि शिक्षकों का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। गेस्ट टीचर्स ने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कॉलेज गेट के बाहर धरना लगा दिया है। धरनारत शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। वीरवार को दस से अधिक संगठनों ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान छात्र संगठनों ने जाट कॉलेज प्राचार्या के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया।
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वहीं, धरने पर पहुंचे किसान संगठनों ने मामले में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। शिक्षक रात को कॉलेज के गेट के बाहर धरने पर रहे। वहीं, शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल जाट कॉलेज के प्रशासक के तौर पर कार्यभार संभालने वाले एडीसी स्वप्निल रविंद्रा पाटिल से मिला। एडीसी ने कहा कि कुछ समय दीजिए, सभी को न्याय दिया जाएगा।
जाट कॉलेज में गेस्ट टीचर के तौर पर कार्यरत 112 शिक्षकों को 8 फरवरी को बिना नोटिस दिए हटा दिया गया था। इसके बाद से गेस्ट टीचर धरने पर हैं। मंगलवार को शिक्षक रात के समय भी धरने पर बैठे तो कार्यवाहक प्राचार्या नीलम लांबा ने पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें कैंपस से बाहर करा दिया था। इसके बाद शिक्षकों ने कॉलेज के बाहर टेंट लगा लिया। वीरवार को आईएसओ के प्रदेश सचिव तौसीफ चौधरी, दिनेश सहरावत, पूर्व कुलसचिव राजबीर मोर, आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष, गुरु जंभेश्वर शिक्षक संघ के प्रतिनिधि, एफसी कॉलेज, किसान संघर्ष समिति, गवर्नमेंट कॉलेज, जाट आरक्षण समिति, सर्व कर्मचारी संघ के सुरेंद्र मान, बार एसोसिएशन के सदस्य योगेश सिहाग आदि ने समर्थन दिया। जाट कॉलेज के प्रशासक के तौर पर एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने वीरवार को कार्यभार संभाला। दोपहर बाद धरनारत शिक्षकों का संगठन एडीसी से मिलने पहुंचा। जिस पर एडीसी ने कहा कि उन्होंने आज ही कार्यभार संभाला है, उन्हें कुछ समय दीजिए।
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अभिनेता यशपाल शर्मा ने वीडियो जारी करके इस प्रकरण पर दुख जताया है। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जाट स्कूल से उनकी अपनी शिक्षा ली थी। इस संस्था के साथ उनका जुड़ाव है। अध्यापकों से इस तरह से रोजगार छीन लेना दुखद है। मामले का जल्द समाधान होना चाहिए।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला शिक्षण संस्थान पर अपना अधिकार जमाने के लिए इस तरह की राजनीति कर रहे हैं। इस कारण संस्था में चुनाव नहीं होने दिए जा रहे। समय खत्म होने के बाद भी पुरानी कार्यकारिणी को अधिकार क्यों दिए गए हैं। - कुलदीप खरड़, किसान नेता
शिक्षा के लिए बनाई गई संस्था पर कब्जे के लिए दुष्यंत चौटाला पिछले दो साल से इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। बिना अनुमति गैर कानूनी रूप से कार्यवाहक प्राचार्य राजेंद्र धांगड गलत तरीके से हटाया गया था। उनका मामला भी अदालत में चल रहा है। कार्यकारिणी की ओर से लिए जा रहे गलत फैसलों के कारण ऐसा हो रहा है। संस्था के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं। - एडवोकेट योगेश सिहाग, कॉलेजियम हेड, जाट शिक्षण संस्थान
जाट शिक्षण संस्थान में इस तरह की घटना संस्थान के बदनाम करने की साजिश है। मैनेजमेंट गलत तरीके से एक पार्टी विशेष के इशारे पर काम कर रही है। इसके किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। - संजय बूरा, जिला अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
इन शिक्षकों को पूरे सत्र के लिए लगाया गया था। एक सेमेस्टर के बाद इस तरह से हटाना पूरी तरह से गलत है। इसी तरह दूसरी संस्थाओं में लगे शिक्षक काम कर रहे हैं। यहां क्यों हटाया गया। - एडवोकेट राजबीर मोर, पूर्व कुलसचिव
यह सामान्य प्रक्रिया है। ये कॉलेज सामाजिक संस्था की ओर से चलाया जा रहा है और इतना आर्थिक बोझ नहीं उठा सकतीं। हरियाणा के सभी एडेड कालेजों में यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। - डॉ. नीलम सांगवान, कार्यवाहक प्राचार्या
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