मां बोली- मेरी संग किया बार-बार दुष्कर्म
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से देवेन्द्र मित्तल, जिला न्यायवादी और नवीन, सहायक जिला न्यायवादी ने पैरवी की। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों और दलीलों के आधार पर अदालत ने दोषी को किसी भी प्रकार की नरमी का पात्र नहीं माना। घटना दिसंबर 2024 की है, जब थाना भूना के अंतर्गत एक गांव की महिला ने शिकायत दी थी कि उसका मामा ससुर (रिश्ते में दादा) सूरजभान उनकी नौ साल की मासूम बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म कर रहा है और उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
सौतेली बेटी के साथ भी कर चुका दुष्कर्म
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में सजा पा चुका था और उस समय जमानत पर बाहर था। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए पॉस्को एक्ट की धारा 4 (2) व 6 के तहत प्राकृतिक मृत्यु तक उम्रकैद और बीएनएस की धारा 351 (3) के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़ित बच्ची को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।