हिसार। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में जैविक-प्राकृतिक खेती उत्पादों के लिए अनाज मंडी बनेगी। हिसार में जैविक-प्राकृतिक फल-सब्जियों के लिए मंडी स्थापित होगी। इन उत्पादों की जांच के लिए बागवानी विभाग में प्रयोगशाला भी बनाई जाएगी। जैविक-प्राकृतिक उत्पादों के सही मूल्य तय करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के इंदिरा गांधी सभागार में वीरवार को आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जैविक-प्राकृतिक खेती करने वालों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जाएगा। कैथल के पुंडरी में 53 एकड़ जमीन में प्राकृतिक खेती का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। गांव की पंचायती जमीन में कम से कम 10 प्रतिशत जमीन को जैविक-प्राकृतिक खेती के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसमें कम से कम एक एकड़ जमीन होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी या पंचायती जमीन ठेके पर लेकर प्राकृतिक-जैविक खेती करने वाले किसानों को अनुदान दिया जाएगा। प्राकृतिक-जैविक खेती करने वाले किसानों को पैकेजिंग-मार्केटिंग के लिए 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। एक एकड़ में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को देसी गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। 2025-26 में हरियाणा में एक लाख एकड़ में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को लेकर योजना शुरू की थी। इसमें अब तक 1,84,665 किसानों ने 2,73,956 एकड़ में प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण किया है। इसमें 10,550 किसानों की 17,087 एकड़ जमीन का सत्यापन हो चुका है। अब तक 720 कार्यक्रम आयोजित कर करीब 35 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया है। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में अब तक 9760 किसानों और कृषि अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने इस साल के लिए प्राकृतिक-जैविक खेती के लिए 30 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
सत्यापन से प्राकृतिक-जैविक उत्पादों की अलग पहचान होगी : कृषि मंत्री
प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक-जैविक उत्पादों की अलग पहचान होनी चाहिए। इसके सत्यापन के लिए लैब स्थापित की जाएंगी। जांच के बाद उन्हें ग्रेडेशन दी जाएगी। सत्यापन होने के बाद खरीदारों के मन में किसी तरह की शंका नहीं रहेगी। हरियाणा में सत्यापन का कार्य शुरू हो चुका है। सिरसा की एक एजेंसी को यह काम सौंपा हुआ है। भविष्य में सत्यापन एजेंसी की संख्या बढ़ाएंगे।
एक अप्रैल से शुरू हो चुका राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन : राज्यपाल
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि एक अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन शुरू हो चुका है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 1481 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस मिशन के तहत जैविक खेती से जुड़ी परियोजनाओं में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत प्रदेश सरकार खर्च करेगी। जल, जंगल और जमीन को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है।