डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में बुधवार को हुए जबरदस्त हंगामे के बाद छेड़छाड़ के आरोपियों के परिजनों के दबाव में पुलिस ने देर शाम प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रिंसिपल राजेंद्र सचदेवा पर स्कूल की ही एक अन्य महिला टीचर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से ही छेड़छाड़ के तीन आरोपियों के पक्ष में उनके परिजनों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। परिजनों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने ही साजिश रचकर तीनों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।
छेड़छाड़ के आरोपियों के परिजन, विद्यार्थी और ग्रामीण सुबह आठ बजे ही उनके पक्ष में स्कूल में पहुंच गए। उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया। कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल पहुंचे करीब डेढ़ सौ बच्चों को बिना पढ़े ही वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी की।
मौके पर एएसपी मनीषा चौधरी, डीएसपी व एसएचओ सदर मौके पर पहुंचे। उन्होंने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। दोपहर करीब दो बजे एसपी शिबास कविराज ने स्कूल की अन्य टीचरों से बात की।
प्रिंसिपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत देने वाली टीचर से भी उन्होंने बात की। सदर थाना में करीब तीन घंटे तक एसपी ने टीचरों से बात की। शाम पांच बजे उन्होंने सदर थाना इंचार्ज को मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए। प्रिंसिपल के विरोध में उतरे स्टाफ सदस्य जब एसपी से बात कर रहे थे तो आरोपियों के परिजन स्कूल के गेट के बाहर धरना लगाकर बैठे रहे।
सुबह गेट पर ताला लगाए जाने के बाद परिजनों ने दो घंटे के अंदर प्रिंसिपल पर कार्रवाई कर गिरफ्तारी न करने पर रोड जाम करने का अल्टीमेटम दिया। इस पर पुलिस प्रशासन ने भारी महिला और पुरुष कर्मियों की फोर्स बुला ली।
पूरा दिन फोर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ही बैठी रही। रोड जाम की चेतावनी के बाद एसपी की तरफ से बातचीत करने का मैसेज आया। एसपी आउट ऑफ स्टेशन थे। सीधे वहां से एसपी शिबास कविराज स्कूल स्टाफ सदस्यों से बात करने सदर थाना पहुंचे।
सदर थाना एसएचओ कपिल ने बताया कि महिला टीचर ने प्रिंसिपल राजेंद्र सचदेवा के खिलाफ जो शिकायत दी है, उसमें धारा 354, 354डी, 294, 509 के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं, पुलिस ने बुधवार को चंडीगढ़ हाईवे जाम करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा बनाया है। पुलिस ने इस शिकायत में कुछ लोगों के नाम नोट किए हैं, मगर उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रिंसिपल के खिलाफ महिला टीचर ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल उसे कहते थे कि आप तो बड़ी सुंदर हो। उन्होंने कई बार मुझे दो बजे छुट्टी के बाद रोकने की कोशिश की।
महिला टीचर ने लिखा है कि मैं बार-बार मना करती रही, लेकिन पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने बार-बार जिद की। प्रिंसिपल राजेंद्र सचदेवा ने आखिर में तो हदें ही पार कर दी और अश्लील हरकतें करने की कोशिश शुरू कर दी। मैंने जब विरोध जताया तो उन्होंने मुझे वहां से निष्कासित करवा दिया।
महिला टीचर ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुझे निष्कासित तो किया ही और साथ में यह भी कहा कि मेरे आईजी साहब से अच्छे ताल्लुकात है, तुझे अंदर करवा दूंगा। मामले की शिकायत मैंने आईजी को भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत में लिखा गया है कि जब इस प्रताड़ना के बारे में मैंने मेरे पति को बताया तो वे स्टाफ के अन्य सदस्यों से मिले। पति के मिलने के बाद तीन स्टाफ सदस्यों ने प्रिंसिपल का विरोध करना शुरू कर दिया तो उन्होंने इसे भी फंसा दिया।
स्कूल में वर्ष 2007 से फरवरी 2014 तक शिक्षक के रूप में स्टाफ रही महिला टीचर ने शिकायत में लिखा है कि प्रिंसिपल ने डांस रूम में बड़ी लड़कियों और मुझे देखने के लिए कैमरे तक लगवा दिए। जब एतराज जताया तो हमें धमकी दी।
पुलिस लाइन स्थित पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल की एक टीचर ने अपने साथ काम करने वाले टीजीटी टीचर आनंद गुप्ता, अंग्रेजी टीचर नवदीप और क्लर्क कृष्ण कुमार के खिलाफ मंगलवार को छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। पुलिस ने उन्हें मंगलवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके खिलाफ बुधवार सुबह उनके परिजनों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल में तोड़फोड़ की और नेशनल हाईवे पर पौने तीन घंटे तक जाम लगा दिया।