मिशन वात्सल्य योजना के बारे में जागरूक करने वाले ई-रिक्शा को रवाना करतीं जिला कार्यक्रम अधिकार
सिरसा। महिला एवं बाल विकास विभाग ई-रिक्शा के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी दे रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह ने इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सरशिप स्कीम, फोस्टर केयर स्कीम और गोद लेने की प्रक्रिया बताई जा रही है। इसके तहत अधिकतम 18 वर्ष तक के पात्र बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
डॉ. दर्शना ने बताया कि सरकार की पात्रता पूरी करने वाले बच्चों को योजना से लाभान्वित कराया जाएगा। योजना में आवेदन करने के लिए अभिभावक की आय सीमा का निर्धारण किया गया है। उनकी अधिकतम वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 72,000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 96,000 रुपये तय है। सरकार की किसी अन्य योजना का लाभ न मिलने पर एक परिवार में केवल दो बच्चे इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
इनको मिलेगा योजना का लाभ
डाॅ. दर्शना सिंह ने बताया कि यह योजना उन बच्चों से संबंधित है, जहां मां विधवा, तलाकशुदा या परिवार से परित्यक्त हो। बच्चे अनाथ हों या जो विस्तारित परिवार के साथ रहते हों। जहां बच्चे के माता-पिता जीवन को खतरे में डालने वाली बीमारी से ग्रस्त हो या आर्थिक, शारीरिक दोनों रूप से अक्षम या असमर्थ हो।
अगर कोई बच्चे का पालन पोषण नहीं कर पाएं तो विभाग के सामने करें समर्पण
डॉ. दर्शना के अनुसार फोस्टर केयर योजना के तहत चार हजार रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। इसमें कोई परिवार अस्थायी रूप से अनाथ लावारिस बच्चे को अपने परिवार में रखकर बच्चों को उचित-पालन पोषण करते हैं। इच्छुक परिवार अपना आवेदन बाल कल्याण समिति के कार्यालय में दे सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति एडॉप्शन प्रोसेस के तहत बच्चा गोद लेना चाहता है तो वह बाल संरक्षण कार्यालय में संपर्क कर सकता है। जेजे एक्ट के तहत सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी से बच्चों की गोद प्रक्रिया की जाती है। बेसहारा बच्चों का गोदनामा करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि किन्हीं कारणों से अनचाहे बच्चे या जिनका पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं तो वह बाल कल्याण समिति के समक्ष ऐसे बच्चों को समर्पित कर सकते हैं।