सांपों का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। लेकिन गांव सुलखनी निवासी ईश्वर सांपों को बड़ी आसानी से रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ देता है। ईश्वर खतरनाक सांपों को पकड़ने में इतना माहिर है कि वह कोबरा जैसे सांप को पांच से 10 मिनट में रेस्क्यू कर लेता है।
वन्यजीवों की रक्षा करने और उनकी जान बचाने वाला सुलखनी निवासी ईश्वर (26) ने 3 साल में 100 सांपों को बचा कर काफी सराहनीय काम किया है। वाइल्डलाइफ विभाग के इंस्पेक्टर रामेश्वर दास भी ईश्वर को कार्यक्रम में सम्मानित कर चुके हैं। इस बारे में ईश्वर ने बताया कि सांपों और अन्य प्राणियों की रक्षा करने से उसको काफी सुकुन मिलता है।
वाइल्डलाइफ विभाग भी लेता है सहायता
ईश्वर को अब सांप को सुरक्षित पकड़ने वाले के नाम से जाना जा रहा है। क्षेत्र में जहां कहीं भी खेतों या मकानों में सांप निकलता है तो ईश्वर को लोग फोन कर बुला लेते हैं। इतना ही नहीं वाइल्डलाइफ विभाग की टीम भी ईश्वर को काफी जगह भेजकर सांपों का रेस्क्यू करवा चुकी है। ईश्वर का कहना है कि जिस तरह से वन्य जीवों की प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं उनको बचाना भी प्रत्येक प्राणी का दायित्व बनता है।
सुलखनी निवासी ईश्वर सांपों का रेस्क्यू करता है। काफी दफा हमने उनकी मदद ली है। ईश्वर ने काफी संख्या में सांपों का रेस्क्यू कर जान बचाई है। ईश्वर सिंपल सांपों से लेकर कोबरा सांपों तक को पकड़ने में माहिर है। एक दफा उनको सम्मानित किया जा चुका है।
- रामेश्वर दास, इंस्पेक्टर, वाइल्डलाइफ विभाग