मौसम में बदलाव का असर घोड़ों में होने वाली बीमारी ग्लैंडर्स पर पड़ता है। इस बार भी सितंबर में तेजी से केस बढ़ रहे हैं। लुवास में एक सप्ताह में चार केस आ चुके हैं। बहादुरगढ़ से लिए गए सभी सात सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परंतु, चरखी दादरी की रिपोर्ट संदिग्ध है, जिसका दोबारा सैंपल लिया जाएगा। अश्व अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों ने राजस्थान समेत कई राज्यों में घोड़ों की जांच कम होने पर चिंता जताई है।
घोड़ों में होने वाली विषाणु जनित लाइलाज बीमारी ग्लैंडर्स संपर्क में आए इंसान में भी होती है। अभी तक इस बीमारी से बचाव के लिए कोई टीका अथवा इलाज नहीं होने के कारण इसे अधिक खतरनाक माना जाता है। इसलिए घोड़ों में इस बीमारी की पुष्टि होते ही उन्हें मार दिया जाता है। बदले में सरकार की तरफ से अश्व पालक को 25 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाती है।
अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वैज्ञानिक डॉ. हरिशंकर सिंघा के अनुसार चरखी दादरी से मिला सैंपल संदिग्ध है, लिहाजा उसकी शुक्रवार को दोबारा जांच की जाएगी। इसके अलावा सोमवार को बहादुरगढ़ से लिए गए सभी सात सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यहां एक घोड़े की सोमवार को सैंपल लेने से पहले ही मौत हो गई थी।
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इससे पहले भी दो घोड़ियों की ग्लैंडर्स जैसे लक्षण वाले रोग से ही मौत हुई थी। रविवार को पड़ोसी प्रांत राजस्थान के अलवर से आई रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसके अलावा जयपुर में भी एक घोड़े में ग्लैंडर्स के लक्षण मिले हैं, लेकिन अभी उसका सैंपल नहीं आया है।
केस मिलने के बाद भी नहीं हो रही जांच
डॉ. हरिशंकर सिंघा बताते हैं कि हर साल सितंबर-अक्तूबर में एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए आते हैं, लेकिन इस बार संख्या बेहद कम है। केवल वहीं जांच हो रही है, जहां घोड़ों की इस बीमारी से मौत हो गई है अथवा हालत गंभीर हैं। बहादुरगढ़ के मामले में जब तक जानकारी मिली और टीम सैंपल लेने गई, तब तक घोड़े की मौत हो चुकी थी।
पड़ोसी राज्यों से अधिक खतरा
जिले में जैसे लंपी के केस राजस्थान बार्डर से सटे इलाकों के चलते आए, कुछ वैसे ही हालत घोड़ों को लेकर भी हैं। करीब एक माह पहले महेंद्रगढ़ से बिके घोड़े राजस्थान में पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद भी न तो राजस्थान के पशुपालन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और न ही हरियाणा में जांच हुई। इसके बाद बहादुरगढ़ में तीन घोड़ों की मौत हो गई, लेकिन जांच केवल सात घोड़ों की हुई। हिसार में भी अभी जांच शुरू नहीं हुई है।