हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में नर्सिंग शिक्षा के दायरे को बड़ा देते हुए हरियाणा सरकार के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग ने बीएससी नर्सिंग (100 सीट) और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग (60 सीट) शुरू करने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी कर दी है। इससे शैक्षणिक सत्र 2025–26 से इन दोनों कोर्सों की शुरुआत का मार्ग साफ हो गया है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जारी एनओसी केवल संस्थान को कोर्स शुरू करने की अनुमति है, छात्रों को प्रवेश देने की नहीं। इसके लिए जीजेयू को इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी), हरियाणा नर्सिंग एंड नर्स मिडवाइव्स काउंसिल (एचएन एंड एनएनसी) और संबद्ध विश्वविद्यालय से औपचारिक मंजूरी लेनी होगी। प्रवेश प्रक्रिया उन्हीं सीटों पर आधारित होगी, जिन्हें आईएनसी समय-समय पर मान्यता देगा।
एनओसी में कई शर्तें भी जोड़ी गई हैं। इनमें संस्थान को कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) स्थापित करने, आईएनसी और एचएन एंड एनएनसी मानकों के अनुसार योग्य स्टाफ की भर्ती करने और उनके वेतन का भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में करने की बाध्यता शामिल है। प्रत्येक कोर्स के लिए 20 लाख रुपये की एफडीआर जमा कराना भी अनिवार्य होगा, जिसे एनओसी की अवधि पूरी होने या नवीनीकरण के समय लौटाया जाएगा।
12 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 19 तक भर सकेंगे फॉर्म
जीजेयू ने दोनों कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू कर दी है। जारी नोटिस के अनुसार प्रवेश प्रोविजनल आधार पर होंगे, क्योंकि अनुमोदन प्रक्रिया प्रगति पर थी। आवेदन की अंतिम तिथि 19 नवंबर निर्धारित की गई है। आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे।
निरीक्षण का अधिकार सुरक्षित, रैगिंग पर सख्ती
एनओसी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नर्सिंग भवन का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। रैगिंग रोकथाम की पूरी जिम्मेदारी संस्थान को निभानी होगी। सरकार ने बिना पूर्व सूचना निरीक्षण करने और शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में एनओसी वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखा है।