जीजेयू में लड़की से छेड़छाड़ मामले में दोषी लैब अटेंडेंट को कमेटी की रिपोर्ट के बाद दो इंक्रीमेंट काटने की सजा दी गई है। आरोपी के दो इंक्रीमेंट हमेशा के लिए रोके गए हैं। इससे पहले विश्वविद्यालय की इंटरनल शिकायत कमेटी ने लैब अटेंडेंट के इरादे ठीक नहीं होने की बात कही थी। बाद में लैब अटेंडेंट से 15 दिन में जवाब मांगा गया था। आखिरकार लंबी जांच के बाद कुलपति ने लैब अटेंडेंट के दो इंक्रीमेंट हमेशा के लिए रोक दिए। इससे पहले लैब अटेंडेंट को सस्पेंड किया गया था।
हमें किसी समझौते से मतलब नहीं
लैब अटेंडेंट और छात्रा के परिजनों के बीच समझौते और मामला निपटने की अफवाह को कुलपति ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें किसी समझौते से कोई मतलब नहीं है। विवि में यह घटना हुई है तो कमेटी की अनुशंसा के आधार पर लैब अटेंडेंट को सजा दी गई है। लैब अटेंडेंट के दो इंक्रीमेंट हमेशा के लिए रोक दिए गए हैं।
यह था मामला
बीटेक की एक छात्रा ने विवि प्रशासन को लैब अटेंडेंट के खिलाफ शिकायत दी थी। बाद में दोनों में समझौता हो गया था। इस बीच 17 दिसंबर को छात्रों ने छेड़छाड़ मामले में लैब अटेंडेंट की पिटाई कर दी। मामला मीडिया में आने के बाद विवि प्रशासन ने लैब अटेंडेंट का तबादला जनरल ब्रांच में कर जांच के लिए कमेटी बनाई थी। इधर, आरएसएस की संस्था संस्कार भारती ने उसे अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया था।
हमने लैब अटेंडेंट के दो इंक्रीमेंट रोक दिए हैं। दोनों इंक्रीमेंट पर हमेशा के लिए रोक लगाई गई है।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू