यूजीसी ने जीजेयू के सभी दूरवर्ती पाठ्यक्रमों को एक नहीं दो वर्षों की मान्यता दी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो ने जीजेयू को शैक्षणिक वर्ष 2016-17 व 2017-18 के लिए मान्यता दी है, जिसके बाद मंगलवार सुबह से लेकर देर रात तक अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन दाखिला प्रकिया सुचारु करने में लगे रहेे। विद्यार्थी बुधवार से दाखिला ले सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले यूजीसी द्वारा एक वर्ष की मान्यता दी जाती रही है। दो वर्ष की मान्यता मिलने पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार व कुल सचिव डॉ. अनिल कुमार पुंडीर ने खुशी जताई है।
विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. एमसी गर्ग ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से विश्वविद्यालय को पत्र मिल चुका है। ये सभी कोर्स पहले ही विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन इस बार विश्वविद्यालय सीधे दाखिले करेगा। आपको बता दें कि इससे पहले विद्यार्थी सेंटर्स के माध्यम से दाखिला लेते थे। यूजीसी ने विश्वविद्यालय को अपने सभी सेंटर बंद करने को कहा था। जिसके बाद विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों से विश्वविद्यालयों से संबद्धता खत्म कर ली थी। इसके बाद अब विश्वविद्यालय सीधे दाखिला लेगा।
इन 16 कोर्सां में ले सकते हैं दाखिला
पत्र के अनुसार जिन पाठ्यक्रमों को मान्यता मिली है उनमें एमकॉम, पीजी डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पीआर, बीए मास कम्यूनिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन टैक्सेशन, पीजी डिप्लोमा इन एन्वायरनमेंटल मैनेजमेंट, एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमए मास कम्यूनिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस, एमएससी मैथमेटिक्स, एमबीए, बीबीए, पीजी डिप्लोमा इन बेकरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पीजी डिप्लोमा इन काउंसिलिंग एंड बिहेवियर मोडिफिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट, एमसीए तथा एमसीए पंचवर्षीय इंटेग्रेटिड कोर्स शामिल हैं।
रेगुलर से पांच गुणा विद्यार्थी हर वर्ष लेते हैं दाखिला
जीजेयू हरियाणा का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है जो डिस्टेंस एजूकेशन चला रहा है। विश्वविद्यालय में हर वर्ष रेगुलर कोर्सों में निर्धारित सीटों पर करीब 1500 विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। लेकिन डिस्टेंस के 16 कोर्सों में हर वर्ष करीब 8 हजार से अधिक विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा विभाग के अनुसार 30 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा कोर्स उच्च स्तर के हैं। इनके प्रति विद्यार्थियों में जबरदस्त आकर्षण है। हमें विश्वास है कि इस बार दूरवर्ती शिक्षा के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का रुझान और बढ़ेगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति जीजेयू, हिसार