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जीजेयू के 115 शोधार्थियों की करीब 4 करोड़ की फेलोशिप रुकी

Sun, 28 Aug 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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जीजेयू - फोटो : Bureau
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जीजेयू में 115 विद्यार्थियों की चार करोड़ से अधिक की स्कॉलरशिप रुकी हुई है, जिससे रिसर्चर्स के शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। स्कॉलरशिप देने को लेकर विश्वविद्यालय और यूजीसी एक-दूसरे को कह रहे हैं। लेकिन रिसर्चर मार्च 2015 से लेकर अब तक की स्कॉलरशिप का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ प्रोफेसर्स द्वारा रिसर्च स्कॉलर को प्रताड़ित किए जाने के बाद एक नया खुलासा हुआ है। विद्यार्थियों के मुताबिक नार्थ ईस्ट का एक अन्य छात्र भी प्रोफेसर्स की प्रताड़ना से तंग आकर पीएचडी छोड़ चुका है।
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आठ विभागों में कर रहे शोध
जीजेयू के आठ विभागों में विद्यार्थी शोध कर रहे हैं। यूजीसी व अन्य संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाती है। यह स्कॉलरशिप यूजीसी, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भेजती है। बाद में एकाउंट विभाग इस राशि को संबंधित विभाग को भेज देता है। तब विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिलती है। इस स्कॉलरशिप का ऑडिट भी होता है। यह मामला 2012 से पहले से पहले रजिस्ट्रेशन हुए शोधार्थियों का है। यूजीसी ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत राशि देना शुरू कर दिया। इन विद्यार्थियों को जुलाई 2016 से डीबीटी से स्कॉलरशिप मिलेगी। लेकिन इससे पहले की स्कॉलरशिप यूजीसी ने नहीं दी। रजिस्ट्रार अनिल कुमार पुंडीर के अनुसार यूजीसी ही स्कॉरशिप देगी, जिसके लिए यूजीसी से बात फाइनल हो गई है।

नार्थ ईस्ट का एक छात्र छह महीने पहले छोड़ गया पीएचडी
पीएचडी कर रहा नॉर्थ इस्ट का एक छात्र पीएचडी छोड़कर चला गया है। अमर उजाला ने पड़ताल कर उसके क्लासमेट्स से बात करनी चाही तो उन्होंने मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसके अन्य दोस्तों से उसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उसने प्रोफेसर्स की प्रताड़ना के चलते पीएचडी छोड़ दी है। जाने से पहले उनका दोस्त कई दिनों तक गुमसुम था। अब न किसी का फोन उठा रहा है और न ही मैसेज का जवाब देता है।
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रिसर्च कम, अन्य काम ज्यादा
शोधार्थियों ने बताया कि अधिकतर विद्यार्थी प्रताड़ना से तंग आकर पीएचडी छोड़ रहे हैं। पीएचडी के दौरान रिसर्चर से रिसर्च कम और क्लर्कों और पर्सनल पीएन की तरह अन्य काम अधिक करवाए जाते हैं।


पिछले हफ्ते ही कुलपति यूजीसी गए थे। विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप को लेकर यूजीसी से बात हो गई है। यूजीसी ने बहुत जल्द विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप देने का आश्वासन दिया है। रही बात रिसर्चर्स के पीएचडी छोड़ने की तो इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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- डॉ. अनिल कुमार पुंडीर, रजिस्ट्रार, जीजेयू हिसार
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