हिसार। कोविड संकट के बीच गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के जो विद्यार्थी कंटेंनमेंट जोन में होने के कारण री-अपीयर की परीक्षाएं नहीं दे पाए, उन विद्यार्थियों से अब दोबारा फीस ली जा रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि विवि प्रशासन ने जब उनकी द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं ली तब कुछ विद्यार्थी कंटेनमेंट जोन में थे तो कुछ परिवहन की समस्या के कारण विवि आकर परीक्षा नहीं दे पाए। विवि प्रशासन से बात की गई तो कहा गया था कि उनकी परीक्षाएं बाद में ले ली जाएंगी और री-अपीयर की फीस दोबारा देने की जरूरत नहीं होगी। अब जब दोबारा परीक्षा की बात आई तो विवि प्रशासन री-अपीयर की फीस मांग रहा है।
प्रमोट होने के बाद भी 8 विद्यार्थियों की आई री-अपीयर
कोविड संकट के बीच पिछले वर्ष गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने विभिन्न कोर्सों के विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पिछले माह आए परीक्षा परिणाम में विश्वविद्यालय ने आठ विद्यार्थियों की री-अपीयर दिखा दी। विश्वविद्यालय के बीटेक मैकेनिकल विभाग के विद्यार्थियों की री-अपीयर दिखाई गई है। विद्यार्थियों ने बताया कि वर्ष 2020 में कोविड के कारण उन्हें चतुर्थ सेमेस्टर से प्रमोट कर दिया गया था। प्रमोट करने के बाद पिछले माह इसका परिणाम घोषित किया गया तो 8 विद्यार्थियों को री-अपीयर दिखा दिया।
अगर कंटेनमेंट जोन के कारण कोई विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाया था, तो अब उससे री-अपीयर फीस नहीं ली जाएगी। ऐसे विद्यार्थी मुझसे मिल सकते हैं। वहीं, जिन विद्यार्थियों की प्रमोट होने के बाद भी री-अपीयर की बात है तो निर्धारित फार्मूले के अनुसार विद्यार्थी प्रमोट हुए थे। हो सकता है कुछ विद्यार्थियों के इंटरनल के मार्क्स कम होने के कारण उनको फेल दिखाया गया हो। हालांकि विद्यार्थी प्रमोट माने जाएंगे।
- प्रो. यशपाल सिंगला, परीक्षा नियंत्रक, गुजवि