हांसी। रोधी खाप पंचायत ने गांव चानौत में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में आए अदालती फैसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। खाप के प्रधान सुमेर सिंह डाटा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई कड़े फैसले लिए गए और राजनीतिक हस्तक्षेप की निंदा की गई। खाप के अनुसार, इस रिहाई का श्रेय कैप्टन अभिमन्यु को देना पूरी तरह गलत है।
खाप ने स्पष्ट किया कि हाल ही में कोर्ट की तरफ बरी किए गए 56 युवकों ने 3-4 साल जेल में काटे और 10 साल तक कानूनी लड़ाई (ट्रायल) लड़ी है। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पहले पुलिस ने छात्रों की पिटाई की और उनपर गोलीबारी चलाई थी जिसमें 3-4 युवक मर गए थे। उसी की प्रतिक्रिया में आगजनी की गई। उन्होंने तत्कालीन हरियाणा सरकार व पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक अभी केवल एक केस से बरी हुए हैं, जबकि दूसरा केस अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
बैठक में चानौत से विकास दुहन, टेकराम दुहन, सिंघवा राघो से दीपचन्द शर्मा, सिन्दड़ से बलदेव सिंह, खानपुर से सुभाष काद्यान और मसूदपुर से ज्ञान सिंह दलाल सहित कई गांवों के पंचायती प्रतिनिधि शामिल रहे ।