पुलिस ने वायस रिकॉर्डिंग के सैंपल लैब में भेजे, जिनका मिलान होने पर आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज हुआ था। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब आजाद नगर के तत्कालीन एसएचओ का कोविड सैंपल बदला गया था। इसी मामले से जुड़े एक आरोपी को नारको टेस्ट के लिए गांधीनगर लेकर जाना था।
पुलिस के अनुसार जांच के लिए महिला का वॉयस सैंपल लिया गया था। फिर सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा गया। पुलिस को जांच में आरोपी महिला की एक अन्य आरोपी से मामले संबंधी बात की ऑडियो रिकॉर्डिंग हाथ लगी थी। लैब में हुई जांच में महिला की आवाज का मिलान हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
वारदात के पांच माह बाद हुआ था केस दर्ज
आजाद नगर थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि नवदीप कॉलोनी निवासी दलीप सिंह ने 24 मई 2019 को नवदीप कॉलोनी निवासी प्रमोद, नर्स उर्मिला और रविंद्र के खिलाफ बेटी की हत्या करने व परिवार को जान से मारने का षड्यंत्र रचने की शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि उसकी बेटी सुमन की शादी वर्ष 2003 में प्रमोद के साथ हुई थी। प्रमोद उसकी के बेटी को लड़ाई-झगड़ा कर तंग करता था। 2008 में बेटी को मकान बनाकर दिया था। मेरे पास मेरा भतीजा सुरेश साथ रहता था। उसकी 2006 में उर्मिला के साथ की थी।
शादी के कुछ समय बाद उर्मिला और प्रमोद के बीच अवैध संबंध बन गए थे। दोनों के अवैध संबंध के बारे में जब बेटी को पता चला तो उन्होंने उसकी हत्या की साजिश रची। इसके बाद दलीप को प्रमोद ने 11 दिसंबर 2018 को बताया कि सुमन को कुछ हो गया है। इसके बाद सुमन को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया। बाद में प्रमोद के परिवारजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए सुमन का गांव में दाह संस्कार करवा दिया। घटना के करीब पांच माह बाद दलीप की शिकायत पर प्रमोद, उर्मिला और रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी महिला हत्या के मामले में शामिल पाई गई। जिस पर आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। उक्त मामले में आरोपी प्रमोद को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
सैंपल को लेकर उभरा था विवाद
आजाद नगर के तत्कालीन थाना प्रभारी एक आरोपी को नारको टेस्ट के लिए गांधीनगर ले जाने वाले थे। थाना प्रभारी ने नागरिक अस्पताल में अपना कोविड सैंपल दिया था। एक एलटी ने सैंपल को लीक बताकर दूसरा सैंपल दिया था। जांच में सैंपल का फर्जीवाड़ा सामने आया था। शहर थाना पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। केस अब कोर्ट में विचाराधीन है। दो एलटी और एक हेड कांस्टेबल अदालत के चक्कर लगा रहे हैं। निरीक्षक बाद में तफ्तीश में शामिल हुए थे। केस दर्ज होने के बाद विभाग ने निरीक्षक का तबादला कर दिया था।