हिसार। हिसार के आजादनगर की तंग गलियों से निकाले होनहार छात्र सुमित ने हरियाणा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा श्रेष्ठ अंक हासिल कर शहर व माता-पिता का नाम रोशन कर दिया। दिहाड़ी मजदूर के बेटे सुमित ने 500 में से 474 अंक लाकर अपने परिवार ही नहीं, पूरे समाज के लिए मिसाल बन गया है।
होली माइंड स्कूल में पढ़ने वाले सुमित का सपना है कि वह आईआईटी में दाखिला लेकर इंजीनियर बने। सुमित ने बताया कि वह अपने सपनों को उड़ान देने के लिए और मन लगाकर पढ़ाई करेगा। स्कूल से आने के बाद 2 घंटे पढ़ाई फिर ट्यूशन और इसके बाद रात में भी 2 से 3 घंटे पढ़ता था। इसी का नतीजा है कि आज इस उपलब्धि को हासिल कर पाया हूं। सुमित की मां संगीता उसी स्कूल में सफाईकर्मी (मेड) हैं, जहां उनका बेटा पढ़ता है। पिता धनंजय दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।
मूल रूप से बिहार के छपरा जिले का यह परिवार पिछले 15 साल से आजाद नगर में किराए के मकान में रह रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने अपने बेटे के सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया। संगीता ने बताया कि छोटा बेटा संदीप 8वीं कक्षा में पढ़ता है वह भी पढ़ाई में होशियार है।
संगीता बताती हैं, कि पति की आमदनी से गुजारा नहीं हो पा रहा था, तो मैंने भी बेटे की पढ़ाई के लिए स्कूल में काम करना शुरू किया। वे गर्व से कहती हैं, कि बेटा शुरू से पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन इतने नंबर लेकर आएगा, ये सोचा नहीं था। सुमित दिन में मां के घर के कामों में हाथ बंटाता और शाम को ट्यूशन जाता था। उसके लिए हर दिन एक संघर्ष था, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी।