हिसार। गांव पीरांवाली के पास शुक्रवार रात नशीला पदार्थ चिट्टा खरीदने आए कुख्यात गैंगस्टर पवन उर्फ मूसा को सीआईए वन की टीम ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। भागने का प्रयास कर रहे मूसा ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। दो पुलिसकर्मियों के बॉडी प्रोटेक्टर पर गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर पर गोली लगी। उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया है। आरोपी पर डकैती, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस प्रवक्ता दीपक ने बताया कि सीआईए वन की टीम को रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि गांव मोठ निवासी बदमाश पवन उर्फ मूसा पीरांवली फ्लाइओवर के पास आ रहा है। इस पर सीआईए इंचार्ज करण सिंह मय टीम मौक पर पहुंचे और उसे घेर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो फायर किए। पीएसआई नवीन और एचसी अजय नेहरा के बॉडी प्रोटेक्टर पर एक-एक गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में एक गोली मूसा के पैर पर लगी। वह जमीन पर गिर पड़ा। उसके पैर, सिर व अन्य जगहों पर भी चोट आईं हैं। मूसा हाल ही जेल से बाहर आया था। पता चला है कि वह वह नशे का आदी है और पीरांवली में चिट्टा खरीदने आया था। वापसी के दौरान उससे मुठभेड़ हो गई।
फर्जी साइबर अधिकारी बनकर करता था लूटपाट
बदमाश मूसा फर्जी साइबर अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का सरगना है। हिसार के सेक्टर 14 में भी फर्जी साइबर अधिकारी बनकर गन प्वाइंट पर लूटपाट की थी। सिटी थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी।
हांसी से गिरोह चलाता है
सीआईए वन के अधिकारियों ने बताया कि मूसा हांसी थाने का गैंगस्टर है। हांसी से ही अपना गिरोह चलाता है। उसके खिलाफ फर्जी साइबर टीम बनाकर लोगों से हथियार के बल पर लूट, गिरोह के सदस्यों के खातों में ऑनलाइन राशि ट्रांसफर कराने के संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन मामलों में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मुठभेड़ पर उठ रहे सवाल
- कुख्यात गैंगस्टर होने के बावजूद क्या आरोपी पैदल ही घूम रहा था। उससे कोई वाहन नहीं जब्त किया गया है।
- पुलिस ने बदमाश और मुठभेड़ स्थल की फोटो जारी नहीं की।
- मूसा नशे का आदी है तो उसे खुद पींरावली आने की जरूरत क्यों पड़ी। जबकि पुलिस उसको तलाश रही है। इस काम के लिए वह गैंग के किसी भी बदमाश को भेज सकता था।
हर बार एक ही कहानी
मुठभेड़ में पुलिस हर बार एक ही दृश्य और कहानी बताती है। आरोपी पुलिस को देखते ही भागने लगा। फिर गोली चलाई और जवाबी कार्रवाई में उसके पैर पर गोली लगी। बदमाश के भागते समय पैर पर निशाना साधकर गोली चलाना और सटीक जगह लगने पर भी कई सवाल उठते हैं।