हिसार। प्रॉपर्टी डीलर से परेशान होकर कसाबां मोहल्ला निवासी 66 वर्षीय बिशंबर लाल ने घर में फंदा लगा आत्महत्या कर ली। मामला 42.50 लाख रुपये के लेन-देन का बताया जा रहा है। घटना बुधवार दोपहर की है। एचटीएम थाना पुलिस ने मुलतानी चौक एरिया निवासी प्रॉपर्टी डीलर अक्षय मलिक और सिसाय बोलान निवासी सचिन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक केशव ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता बिशंबर लाल बुधवार सुबह करीब 11 बजे खाना खाने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर स्थित अपने कमरे में चले गए। मां सरोज के साथ वह मकान के फर्स्ट फ्लोर पर था। दोपहर करीब 1.30 बजे नीचे गया तो देखा कि पिता हॉल में हुक से बंधे शॉल के फंदे से लटके थे। चिल्लाकर मां और भाई सूर्यकांत को नीचे बुलवाया। पिता को फंदे से उतारा। उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पिता को नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
धोखे से रजिस्ट्री अपने नाम करवाई
केशव ने आरोप लगाया कि मां सरोज के नाम कसाबां मोहल्ले में मकान था, जिसे पिछले साल 19 नवंबर को सचिन को बेचा था। उसने मां को धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और पूरी रकम नहीं दी थी। इसके बाद पंचायत बुलाई गई और सचिन को भाईचारे के तौर पर रुपये देने को कहा, लेकिन उसने अब तक नहीं लौटाए। इससे पिता मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। वे बार-2 कहते थे कि हमारी दुकानें और मकान बिक गए। सचिन और अक्षय ने रुपये भी नहीं दिए। हम तो रोड पर आ गए। सचिन व अक्षय ने परिवार को बर्बाद कर दिया है। केशव ने बताया कि सचिन से 39 लाख रुपये और अक्षय से 3.50 लाख रुपये लेने हैं। रुपये देने के बजाय दोनों मकान पर कब्जा करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी परेशानी के कारण पिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अक्षय ने मुलतानी चौक पर ही अपना दफ्तर बना रखा है। जांच अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों नामजदों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जेल आने के दूसरे दिन ही बाथरूम में फंदा लगा की आत्महत्या
हिसार। टाउन पार्क के पास स्थित केंद्रीय कारागार-एक में 21 जनवरी को लाए गए खारा बरवाला निवासी बंदी मुकेश ने बुधवार दोपहर फंदा लगा आत्महत्या कर ली। उसका शव बाथरूम के दरवाजे के पास एक छेद में लगाए चादर के फंदे पर लटका मिला। पुलिस उसे नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक आदमपुर थाना पुलिस ने मुकेश (22) को मोहब्बतपुर के सुशील को चाकू दिखाकर फोन और गूगल पे का पासवर्ड पूछकर 15 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए थे। इस मामले में उसे 20 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसी दिन अदालत में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय कारागार एक में भेजा गया। 22 जनवरी की दोपहर उसने बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि मुकेश ने मानसिक परेशानी के कारण आत्महत्या की है।