जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही पटेल नगर की 30 हजार की आबादी पर भारी पड़ रही है। मेयर से लेकर जन स्वास्थ्य मंत्री तक के सामने समस्या रखने के बाद भी पटेल नगर के लोगों को पीने का स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा। क्षेत्र में लोगों के घरों में लगातार गंदे पानी की सप्लाई आ रही है।
हालात ऐसे हैं कि गंदा पानी पीने के कारण पेट में इंफेक्शन के मरीज बढ़ गए हैं। हर रोज 15 से 20 मरीज पेट में इंफेक्शन के आ रहे हैं, जबकि एक सप्ताह में 150 से अधिक लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जिस महकमे के पास स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी है, उसके संज्ञान में पूरा मामला होने के बाद भी सुधार नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही मेयर गौतम सरदाना ने विभाग के अधिकारियों के साथ पटेल नगर का दौरा किया था। मेयर ने कई घरों में जाकर सप्लाई का जायजा लिया था। वहीं, पिछली भाजपा सरकार में जन स्वास्थ्य मंत्री रहे डॉ. बनवारी लाल के सामने भी कई बार इस समस्या को रखा गया था।
पेट से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे क्षेत्रवासी
पटेल नगर वार्ड नंबर 17 का हिस्सा है। इस वार्ड के पार्षद डॉ. महेंद्र जुनेजा खुद क्लीनिक चलाते हैं। डॉ. महेंद्र जुनेजा का कहना है कि तीन से चार क्लीनिक वार्ड में बने हुए हैं। प्रत्येक क्लीनिक पर पेट में इंफेक्शन के मरीज आते हैं। उनके खुद के क्लीनिक पर ही रोज 5 से 10 मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त के मरीज अलग हैं। कुछ लोगों को तो पीलिया की शिकायत भी होने लगी है। जुनेजा ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग के जेई को मौके पर बुलाया गया था। जेई का कहना है कि पेयजल सप्लाई लाइन में कोई दिक्कत नहीं है। सीवरेज लीकेज हो सकती है। इसी कारण गंदा पानी सप्लाई में मिक्स होकर आ रहा है।
अधिकारियों को एनजीटी के आदेशों की भी परवाह नहीं
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। एनजीटी के जज प्रीतपाल सिंह ने भी हिसार का दौरा कर अधिकारियों को हर घर में स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने को कहा था। जज का कहना था कि जनता को स्वच्छ पेयजल देना विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है, वह इससे बच नहीं सकते। इसके बावजूद अधिकारियों को एनजीटी के आदेशों की परवाह नहीं है।
पटेल नगर की ये कॉलोनियां हैं प्रभावित
पटेल नगर के अलावा चंद्रलेन कॉलोनी, मनोहर कॉलोनी, वाल्मीकि मोहल्ला, आठ मरला कॉलोनी, गांधी नगर के बाशिंदे गंदे पानी की सप्लाई से परेशान हैं। अमरूत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने का काम भी यहां बेहद धीमी गति से चल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर यह काम भी जल्दी पूरा हो जाए तो कुछ राहत मिल सकती है।
नियम कहता है सप्लाई में सुधार हो तब तक टैंकरों से भिजवाएं पानी
जानकारों की मानें तो सरकारी नियम कहता है कि अगर कहीं दूषित पानी की सप्लाई हो रही है तो उसको सुधारने के लिए तत्काल प्रयास करने होते हैं। जब तक सप्लाई दुरुस्त न हो तब तक जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टैंकरों से पानी पहुंचाना होता है। मगर पटेल नगर या मॉडल टाउन में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
यही हाल मॉडल टाउन एरिया का
पटेल नगर जैसे हालात ही मॉडल टाउन एरिया में बने हुए हैं। यहां भी एक सप्ताह से अधिक समय से लोगों के घरों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। लोगों को मजबूरन टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। वार्ड 12 के हिस्से मॉडल टाउन की इस समस्या को नगर निगम अधिकारियों के सामने रखा गया तो उनका कहना था कि नई लाइन बिछाने के लिए बजट नहीं है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अप्रैल से पहले कोई भी काम शुरू करवाने में असमर्थता जता रहे हैं। ऐसे में अप्रैल में ही एस्टीमेट बनेगा और उसके बाद ही कोई नई लाइन बिछ पाएगी।
पेयजल सप्लाई देख रहे एक्सईएन का फोन स्विच ऑफ
शहर में पेयजल सप्लाई का जिम्मा भिवानी से ट्रांसफर होकर आए एक्सईएन रूपेश चंद्र के पास है। उनसे जब पटेल नगर व मॉडल टाउन की समस्या के बारे में बात करनी चाही तो उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला।
पूरा पटेल नगर लंबे समय से गंदे पानी की समस्या से जूझ रहा है। पेट में इंफेक्शन, उल्टी-दस्त, पीलिया तक की बीमारी बढ़ने लगी है। जेई से लेकर एक्सईएन-एसई तक को जानकारी होने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। व्यवस्था नहीं बदली तो हमें मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।
- डॉ. महेंद्र जुनेजा, पार्षद, वार्ड 17
मॉडल टाउन में भी घरों में दूषित पेयजल सप्लाई आ रही है। नई पाइपलाइन बिछाने को न नगर निगम के पास बजट है और न ही जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास कोई समाधान। जनता परेशानी से जूझ रही है।
- जगमोहन मित्तल, पार्षद, वार्ड 12
सीवरेज सप्लाई देख रहे एक्सईएन जसवंत सिंह के एसई बनने के बाद दोपहर बाद ही मुझे सीवरेज सप्लाई का अतिरिक्त कार्यभार मिला है। पटेल नगर और मॉडल टाउन में समस्या है तो जांच करवाकर समाधान करवाया जाएगा।
-सुनील रंगा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
From the Mayor to the Minister of Public Health, is not able to provide clean drinking water to thePatel nagar- फोटो : Hisar
From the Mayor to the Minister of Public Health, is not able to provide clean drinking water to thePatel nagar- फोटो : Hisar