पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने बताया कि शहर के रहने वाले एक युवक के पास फेसबुक मैसेंजर पर परिचित बनकर मैसेज किया और अपने आप को मुसीबत में बताकर 22 हजार रुपये भेजने को कहा। पीड़ित युवक ने गूगल पे के माध्यम से 22 हजार रुपये भेज दिए। रुपये भेजने के बाद ठगी करने वाले युवक ने मैसेंजर अकाउंट डिलीट कर दिया। उन्होंने कहा है कि लोग फेसबुक के साथ मैसेंजर भी चलाते हैं। जालसाज किसी परिचित की डीपी लगाकर एक मैसेज भेज खुद को किसी मुसीबत में घिरा बताते हैं और राशि किसी बैंक खाते में डालने की बात कहते हैं। लोगों को डीपी और नाम देखकर ऐसा लगता है सच में उनका दोस्त किसी मुसीबत में है और कई लोग बिना जांच के जालसाज के खाते में रुपये जमा कर देते है। हैकर खाते से राशि निकलवाकर आसानी से ठगी कर लेता है।
उन्होंने बताया कि आमजन फेसबुक पर अपना मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी सार्वजनिक न करें। अपना नाम, नाम की उल्टी स्पेलिंग, बच्चों के नाम, मोबाइल नंबर, सरल संख्या को पासवर्ड न बनाएं। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और 1930 पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दें।