हिसार। बरवाला खंड के गांव ढाणी मिरदाद की नवनिर्वाचित महिला सरपंच दुर्गेश उर्फ दुर्गी देवी और उनके पति सोमवीर विवादों में फंस गए हैं। सरपंच पर पिछड़ा वर्ग (बीसी-ए) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़ने का आरोप है। इस बारे में विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग के सदस्य पटेल नगर निवासी डॉ. पुनीत इंदौरा ने बरवाला थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने महिला सरपंच दुर्गी देवी, सोमवीर और सतीश के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने का केस दर्ज कर कर लिया है।
डॉ. पुनीत ने बताया कि ढाणी मिरदाद उनका पैतृक गांव है। गांव का रहने वाला सोमवीर अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। करीब चार साल पहले उसने दुर्गी के साथ प्रेम विवाह किया था। दुर्गी देवी एससी में हेड़ी जाति से संबंध रखती है। उसके पिता अशोक की फैमिली आईडी में उन्होंने एससी जाति दिखाई हुई है।
दुर्गी देवी ने गांव के सरपंच और पटवारी से मिलकर ओबीसी का नायक जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। चुनाव से पहले दुर्गी देवी के ससुरालवालों ने सरपंच और पटवारी से मिलकर ओबीसी का प्रमाण पत्र बनवा लिया। गांव में इस बार सरपंच का चुनाव बीसी-ए के लिए आरक्षित था। दुर्गी देवी, सोमवीर और सतीश ने झूठे दस्तावेज लगाकर फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवा लिया। आरोप है कि दुर्गी देवी के पास एससी, बीसी, ओबीसी के तीन जाति प्रमाण पत्र हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।