सुरेंद्र दलाल
हिसार। हरियाणा के गांवों में व्यापक स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक बदलाव दिखने लगा है। अंतरजातीय विवाह करने पर आन के लिए हत्या के लिए बदनाम रहे प्रदेश में अब अनुसूचित वर्ग की युवती सामान्य वर्ग की बहू बनने लगी हैं। इतना ही नहीं, अंतरजातीय विवाह करने वाली युवतियों को अब गांव के लोग स्वीकार करने के साथ सम्मान भी दे रहे हैं। अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़े अब गांव में ही बस रहे हैं। जिले में अंतरजातीय विवाह कर सामान्य वर्ग के परिवारों की बहू बनने वाली 8 महिलाएं इस बार सरपंच बनी हैं। इनमें सात एससी वर्ग से संबंधित रखती हैं। पंचायत चुनाव में आरक्षण मिलने की वजह से जिले में पहली बार 153 महिलाएं सरपंच बनी हैं।
गांव खांडाखेड़ी में यूपी के सराहनपुर की बेटी सुमिता सरपंच बनी हैं। सुमिता ने अंतरजातीय विवाह किया था। एमए तक पढ़ी सुमिता की तीन साल पहले गांव के युवक से शादी हुई थी। सुमिता ने कहा कि वह गांव वह गांव में विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोलने, स्वच्छता पर फोकस करेंगी।
हांसी फर्स्ट ब्लॉक के गांव सुलतानपुर में अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला सरपंच बनी है। गांव निवासी पवन उर्फ हालण ने करीब 4 साल पहले अनुसूचित वर्ग की युवती प्रीति से शादी की थी। सरपंच प्रीति ने कहा कि पानी सप्लाई ,गलियों को पक्का, सफाई के काम प्राथमिकता पर कराएंगे।
जातीय हिंसा के लिए सुर्खियों में रहा गांव मिर्चपुर में 24 वर्षीय रजनी सरपंच बनी हैं। पंजाब के लुधियाना रहने वाली रजनी 2017 में दुल्हन बनकर गांव मिर्चपुर आई थीं। सामान्य वर्ग के युवक से अंतर जातीय विवाह करने वाली रजनी ने कहा कि खेतों से बारिश के पानी की निकासी का काम कराना प्राथमिकता होगी।
यूपी के चित्रकूट की रहने वाली जानकी ने दो साल पहले कुलेरी गांव के सामान्य वर्ग के राजीव से शादी की। जानकी पहली बार सरपंच चुनाव के लिए उतरी तो लोगों ने 509 वोट के अंतर से विजेता बनाया। आठवीं पास जानकी ने कहा कि गांव में नहरी पेयजल आपूर्ति, स्कूल, गलियों का सुधार प्राथमिकता रहेगी।
फतेहाबाद के टोहाना की बेटी आरती की चार साल पहले जुगलान के अजय के साथ शादी हुई थी। दसवीं पास आरती पहली बार मैदान में उतरी और सरपंच बनीं। आरती ने कहा कि गांव में गंदे पानी की निकासी, पुस्तकालय का निर्माण, पेयजल आपूर्ति प्राथमिकता होगी।
चानौत में अनुसूचित वर्ग की सरस्वती को सरपंच चुना गया। हिसार शहर के रामनगर की निवासी सरस्वती ने करीब ढाई साल पहले चानौत के हिमांशु से अंतरजातीय विवाह किया था। गांव में कुल 2940 वोट पोल हुए। इसमें सरस्वती को 964 वोट मिले। सरस्वती ने कहा कि गांव के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता रहेगी।
गांव सरहेड़ा में बिमला देवी सरपंच बनीं। अनुसूचित वर्ग की बिमला देवी ने करीब चार साल पहले बिमला ने पवन से अंतरजातीय शादी की थी। 10वीं पास बिमला हिसार के गांव गैबीपुर की रहने वाली हैं। गांव में कुल 1936 वोट पोल हुए, जिसमें बिमला को 926 वोट मिले।
गांव ढाणी मिरदाद में अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को सरपंची सौंपी गई है। भिवानी के खानक की रहने वाली पिछड़ा वर्ग की बेटी दुर्गेश ने ढाणी मिरदाद निवासी सोमवीर से शादी की थी। सोमवीर एससी समाज से संबंध रखते हैं।