उन प्रतिभाशाली लोगों के लिए खुशखबरी है, जो चीन के एप टिकटॉक के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर नाम व शोहरत कमा रहे थे और अब टिकटॉक को देश में बैन किए जाने उनका वह मंच खत्म हो गया।
जिले के चार युवाओं ने टिकटॉक एप का विकल्प तैयार किया है। इस एप को उन्होंने देसी कलाकार नाम दिया है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। इस एप को तैयार करने में इन्हें एक महीना लगा। अब तक इस एप को अभी तक करीब पांच लोगों ने डाउनलोड कर लिया है। इस एप को बनाने वाले तीन युवक गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के छात्र तो एक युवती कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की छात्रा रह चुकी है।
यूं आया एप तैयार करने का विचार
पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर किशन ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान टिकटॉक एप का काफी ट्रेंड चल रहा था। उसी समय मेरे मन में विचार आया कि टिकटॉक जैसा ही कोई देसी एप तैयार किया जाए। इसके लिए मैंने अपने सहयोगी रोहित अग्रोहिया, राहुल व अंशुल गर्ग को साथ लिया। फोरहैंड की जिम्मेदारी मैंने, अंशुल व राहुल ने और बैंकहैंड की जिम्मेदारी रोहित ने संभाली। इस एप को तैयार करने में हमें एक माह लगा। 11 जून को हमने एप का ट्रायल वर्जन गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड कर दिया। हमने जो एप तैयार किया है, उसमें टिकटॉक एप के 80 प्रतिशत फीचर्स मौजूद हैं।
यूजर्स के सुझावों के अनुसार किया जाएगा अपडेट
किशन ने बताया कि अभी हमें इस एप में कई फीचर्स और भी जोड़ने हैं। हम यूजर्स से सुझाव मांग रहे हैं, उन सुझावों के आधार पर इस एप को अपडेट किया जाएगा। किशन ने बताया कि भविष्य में हम इस एप के माध्यम से इसके यूजर्स को यूट्यूब की तर्ज पर कमाई का साधन भी उपलब्ध करवाएंगे, ताकि इसके माध्यम से स्टारडम हासिल करने वाले कलाकार कमाई भी कर सके।
दो के पिता टेलर तो एक के पिता चलाते हैं डिपार्टमेंटल स्टोर
सॉफ्टवेयर इंजीनियर किशन शहर की बड़वाली ढाणी के रहने वाले हैं। इनके पिता विनोद कुमार खत्ती टेलर हैं। किशन की मां ममता गृहिणी है। टीम के सदस्य रोहित अग्रोहिया भी बड़वाली ढाणी निवासी हैं और इनके पिता जगदीश प्रसाद अग्रोहिया भी पेशे से टेलर और मां गोदावरी देवी गृहिणी है। टीम की सदस्य अंशुल गर्ग डीसी कॉलोनी की रहने वाली है और इनके पिता आदित्य गर्ग डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं। इनकी मां कुसुम गर्ग गृहिणी है। अंशुल गर्ग ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से वर्ष 2018 में एमसीए की थी। टीम के चौथे सदस्य राहुल शर्मा हांसी की कृष्णा कॉलोनी के रहने वाले हैं और इनके पिता पवन शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं व मां कमलेश देवी गृहिणी है। किशन, रोहित व राहुल तीनों ने वर्ष 2017 में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से आईटी में बीटेक की थी।
किशन- फोटो : Hisar
रोहित- फोटो : Hisar
अंशुल गर्ग।- फोटो : Hisar