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Hisar News: 25 करोड़ की लागत से पुराने जलघर के चार टैंकों की होगी मरम्मत, बनाया जाएगा एक नया टैंक

Sun, 27 Aug 2023 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी। जनस्वास्थ्य विभाग वाटर टैंक की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करता है उसके बाद भी इन टैंकों में जमा कीचड़ में कमल के फूल खिले हुए हैं। अधिकारी टैंकों की सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही पानी लोगों के घरों में सप्लाई किया जा रहा है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हांसी में नए जलघर के पास एक और नया वाटर टैंक बनेगा साथ ही पुराने जलघर में बने चारों टैंकों की मरम्मत भी की जाएगी। जिसका विभाग ने 25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।
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बता दें कि जींद रोड के पास स्थित जलघर की सफाई व्यवस्था उचित न होने से टैंकों में भारी मात्रा में गंदगी जमी हुई है। हालात यह है कि टैंकों के पानी में घास फूस ही तैरते हुई दिखाई दे रही है। नागरिकों का कहना है कि जलघर के टैंकों की सफाई न होने से उनके घरों में इन दिनों जो पानी सप्लाई होता है वह दूषित तो है ही, साथ-साथ बदबूदार भी होता है। इससे अनेक बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि इस बारे में कई बार जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समाधान को लेकर विभाग द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। इस जलघर से शहर की आधी आबादी को पेयजल की सप्लाई की जाती है, जबकि आधी आबादी को लाल पुरा रोड पर स्थित पुराने जलघर से पेयजल सप्लाई की जाती है।
टैंकों की उचित सफाई न होने के चलते इन टैंकों में अधिक मात्रा में घास फूस के साथ कमल के फूल उग चुके हैं। टैंकों की समय-समय पर सफाई न होने से पानी बदबूदार हो गया है।
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दो जलघरों से होती है पूरे शहर को पानी की सप्लाई

शहर में पेयजल सप्लाई दो जलघरों से की जाती है। पुराना जलघर जींद रोड पर स्थित है और यही पर विभाग का मुख्यालय भी है। यह जलघर पांच दशक से अधिक पुराना है। जलघर में चार वाटर टैंक हैं। पुराने होने के कारण इनकी हालत खराब हो चुकी है। जलघर के टैंकों के अंदर इतनी मात्रा में गाद जमा हो गई है, जिससे टैंकों में भंडारण की क्षमता नाममात्र ही है। दूसरा जलघर लालपुरा रोड पर स्थित है। इसका निर्माण हुड्डा सरकार के पिछले कार्यकाल में हुआ। आधे शहर में इस जलघर से पेयजल की सप्लाई होती है। इस जलघर की क्षमता अधिक है। मगर इससे पूरे शहर में पेयजल की सप्लाई नहीं की जा सकती।



वाटर टैंक की सफाई न होने से घरों में हो रही गंदे पानी की सप्लाई


अनाज मंडी सहित वार्ड 16 में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। इसकी कई बार विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। गंदा पानी पीने के कारण लोग भी बीमार हो रहें हैं। सरकार दावा करती रहती है कि हर घर को स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है मगर जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। -पूर्व पार्षद, विनोद सिंगला।



जगदीश कॉलोनी में कई बार आता है दूषित पानी

जगदीश कॉलोनी व मुल्तान कॉलोनी में जब पानी की सप्लाई आती है तो 20 मिनट तो दूषित पेयजल की सप्लाई आती है जो पीने लायक नहीं होती। दूषित पानी पीने के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। विभाग का इस और कोई ध्यान नहीं है। -मानव टुटेजा, जगदीश कॉलोनीवासी।




टैंकों की रिपेयर का लगाया गया है टेंडर
पूराने जलघर में चार वाटर टैंक हैं जिसमें से एक वाटर टैंक में कमल के फूल खिले हुए हैं। हम पानी को फिल्टर करके सप्लाई कर रहे हैं। अगर कोई भी व्यक्ति पानी की मात्रा की जांच करवाना चाहता है तो करवा सकता है। लाल पुरा रोड पर एक और नया वाटर टैंक बनाया जाएगा, इसके साथ ही पुराने जलघर में बने चारों टैंकों की मरम्मत भी करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए 25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। जहां पर दूषित पानी की सप्लाई की सूचना मिलती है उसे दुरुस्त करवाया जाता है।
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विक्रम जेई, पब्लिक हेल्थ विभाग हांसी।
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