हिसार। किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राओं का हॉस्टल से गायब होने के मामले में सोमवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्राओं के बयान दर्ज किए, जिसमें उपरोक्त कमेटी की सदस्य अनुपमा ने काउंसिलिंग की और रिपोर्ट बनाई। हालांकि मीडिया के सामने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य अनुपमा ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि वे इस मामले में कुछ भी नहीं बोलना चाहती है, जिसके बाद इस मामले को लेकर संशय पैदा हो रहा है। तो दूसरी ओर शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर एक्शन मोड में दिखाई दिया। उन्होंने किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल का गेट बंद किया गया है। साथ ही मामले की रिपोर्ट डीईईओ-एपीसी कार्यालय में पेश कर दी है, लेकिन डीईईओ शिक्षा निदेशालय में गई हुई थी, जिस कारण आगामी कार्रवाई नहीं हो पाई।
यह है मामला
बीते वीरवार रात करीब दो बजे किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राएं हॉस्टल से चली गई थीं। करीब 24 किलोमीटर (किरतान से हिसार) तक का सफर पैदल तय किया और जयपुर घूमने के लिए चारों छात्राएं एक साथ रवाना हो गईं। अगली सुबह दोपहर ढाई बजे छात्राओं को पुलिस ने चूरू से ट्रैक कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने छात्राओं-अभिभावकों के बयान दर्ज किए और उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। तो दूसरी ओर शिक्षा विभाग ने चारों छात्राओं-अभिभावकों व हॉस्टल प्रबंधन के बयान दर्ज किए और रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारी को पेश कर दिया है।
अभिभावकों ने माना कि बच्चियों से हुई है गलती : बीईओ
हिसार द्वितीय खंड के बीईओ अनिल नेहरा ने बताया कि इस मामले में अभिभावकों के लिखित में बयान दर्ज किए गए है, जिसमें उन्होंने अपनी बच्चियों की गलतियां स्वीकार की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल का गेट बंद कर दिया है। ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा से न हों।