हिसार। पुलिस कर्मचारी बनकर चार लाख रुपये की ठगी करने के मामले में उकलाना थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात वीरवार को हुई। ठगी का संदेह होने पर साहिल और उसके साथियों ने मौके से तीन आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
वहीं दो आरोपी चार लाख रुपये लेकर भाग गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा गाड़ी कब्जे में ली है जिसमें दो अलग-अलग नंबर प्लेट मिली हैं। आरोपियों की तलाश और रकम बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
थाना उकलाना प्रभारी पीएसआई कुलदीप ने बताया कि विद्या नगर, भिवानी निवासी साहिल ने शिकायत दी है। साहिल के अनुसार करीब सात-आठ महीने पहले उसकी पहचान हसनगढ़ निवासी आजाद से हुई थी। आजाद ने कम रकम लगाकर तीन गुना रकम देने का लालच दिया था। उसने पांच लाख रुपये के बदले 15 लाख रुपये देने की बात कही थी। वीरवार को आजाद ने पहले साहिल को बरवाला और बाद में लितानी मोड़ व प्रभूवाला रोड पर बुलाया।
साहिल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। इसी दौरान बाइक पर दो युवक आए। उन्होंने अपना नाम बोबुआ निवासी सन्नी और हसनगढ़ निवासी राहुल बताया। सन्नी ने चार लाख रुपये चेक करने के बाद रकम राहुल के बैग में रख दी। कुछ देर बाद ग्रे रंग की अर्टिगा मौके पर पहुंची। उसमें चार लोग सवार थे। इनमें से दो ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी जबकि एक ने खुद को सीआईए स्टाफ का कर्मचारी बताया।
गतिविधियां संदिग्ध लगने पर साहिल और उसके साथियों ने राहुल समेत अन्य लोगों को पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रेमनगर, नरवाना निवासी बलजीत सिंह और राहुल चार लाख रुपये लेकर भाग गए। वहीं, साहिल व उसके साथियों ने नरवाना निवासी नरेश, टोहाना रोड, नरवाना निवासी सिकंदर और हिसार निवासी रोबिन को पकड़ लिया। सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चार लाख रुपये की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।