हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने प्रतिबंधित नशे की 43500 गोलियों की तस्करी करने के मामले में हिसार के 12 मोहल्ला निवासी रजत, तलवंडी राणा के अमित पाल और चंडीगढ़ के सुरेश व आलोक को 10-10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी रजत और अमित पाल पर 2-2 लाख रुपये जबकि सुरेश व आलोक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने आरोपियों को सात जुलाई को दोषी करार दिया था। इस संबंध में सदर थाना पुलिस ने 26 मई 2021 को केस दर्ज किया था।
पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार घटना वाले दिन पुलिस की एक टीम तलवंडी राणा बाईपास के निकट गश्त कर रही ही। टीम को सूचना मिली कि तलवंडी राणा का अमित पाल और 12 मोहल्ला का रजत नशे की गोलियां सप्लाई करने के लिए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस अमित पाल की ढाणी के पास पहुंची। ढाणी से अमित पाल व रजत प्लास्टिक का एक-एक कट्टा लेकर बाहर निकल रहे थे। शक के आधार पर पुलिस कर्मियों ने जब रजत के कट्टे की तलाशी ली तो उसमें नशे की 29000 गोलियां जबकि अमित पाल के पास मिले कट्टे से 14,500 गोलियां मिलीं। सदर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वे चंडीगढ़ के सुरेश और आलोक से नशे की गोलियां खरीदकर लाए हैं। इस मामले में कोर्ट ने चारों दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है।