पूर्व विधायक रेलुराम पूनिया हत्याकांड में उम्रकैद से दंडित और अभी जमानत पर जेल से बाहर सोनिया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में खुद को पीड़ित बताया है। उसने दावा किया कि पैतृक संपत्ति कब्जाने के लिए उसे जानबूझकर इस केस में फंसाया गया। उसके शरीर में वही जहर मिला जिससे अन्य लोगों की मौत हुई थी।
सोनिया और उसके पति संजीव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2025 को जमानत पर रिहा किया था। इस फैसले के खिलाफ सोनिया के चचेरे भाई जितेंद्र पूनिया ने जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर 7 अप्रैल को सुनवाई के दौरान अदालत ने सोनिया और संजीव को हलफनामा पेश करने के आदेश दिए थे। जितेंद्र के अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि अदालत के जरिए शपथ पत्र मिला है। इसमें सोनिया ने खुद को पीड़ित बताया है। सोनिया ने दावा किया कि वह अपने माता-पिता के परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य है।
सोनिया ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता (जितेंद्र) उसे आखिरी सांस तक जेल में रखना चाहता है ताकि वे उसके पिता की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर सके। उसने दावा किया कि याचिकाकर्ता असली पीड़ित नहीं है।