पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल को हराने वाले पूर्व मंत्री प्रो. छत्रपाल सिंह ने भाजपा छोड़ दी है। भाजपा के हरियाणा राज्य के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रमुख के पद के साथ-साथ उन्होंने बीजेपी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
प्रो. छत्रपाल ने कहा कि बार बार नजरंदाज किए जाने पर कार्यकर्ताओं में रोष को देखते हुए पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है।
पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को भेजे गए इस्तीफे में प्रो. छत्रपाल सिंह ने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी, अमित शाह के मुलाकात के बाद प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हुआ था। पिछले 10 वर्षों में मैंने खुद को पार्टी नेतृत्व के साथ हुई अपनी चर्चाओं और बैठकों में बहुत कुछ अलग पाया। पार्टी में सभी बाधाओं के साथ काम करना पड़ा। मुझे पार्टी की ओर से टिकट भी नहीं दिया गया, जिसके कारण मैं लोगों की आवाज़ नहीं उठा पाया। मैंने खेदड़ थर्मल पावर प्लांट का धरना, तलवंडी गांवों का धरना, पुरानी पेंशन योजना, किसानों और पहलवानों के धरने के मुददे को पार्टी मंचों पर उठाया तो मेरी बात नहीं सुनी गई, मुझे दरकिनार कर दिया गया। जिसके चलते आज मुझे ये निर्णय लेना पड़ा। क्षेत्र की जनता दबाव के चलते चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। मैंने भाजपा के सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा तत्काल भेज दिया है। उन्होंने कि किसी दूसरी पार्टी से लड़ने को लेकर अभी विचार चल रहा है। जल्द ही फैसला लेंगे।