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फार्म-6 : पहले सरकार की लेटलतीफी अब निजी स्कूल संचालक मोड़ रहे मुंह

Fri, 13 Jun 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। नए शैक्षणिक सत्र का पहला क्वार्टर बीतने वाला है। जबकि अगले माह से दूसरा क्वार्टर शुरू हो जाएगा, लेकिन अचरज की बात है कि निजी स्कूलों ने अभी तक फार्म नंबर-6 भरने में ढिलाई बरते रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9064 निजी स्कूलों में से 4050 स्कूल ऐसे है, जिन्होंने फार्म नंबर-6 तक नहीं भरा है। जबकि नियमानुसार अप्रैल माह की शुरुआत तक हर निजी स्कूलों को फार्म नंबर-6 भरना अनिवार्य होता है। ताकि पता लग सकें कि किस निजी स्कूल में कक्षानुसार कितनी फीस है, बीते साल से इस बार कौन सी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और कौन सी हटाई हैं। यहां तक की कक्षाएं, मान्यता, खेल सुविधाएं से लेकर विद्यार्थियों की संख्या व सीटों तक की जानकारी उपरोक्त फार्म में दी जाती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारण यह है कि पहले फार्म नंबर-6 को लेकर सरकार ने ढीला रवैया जारी रखा, जिस कारण जनवरी के बजाय मार्च में पोर्टल खोला गया। इस कारण कछुआ चाल से निजी स्कूलों ने फार्म-6 भरा, लेकिन निदेशालय ने इस बार गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप, आज तक 5014 निजी स्कूलों ने फार्म नंबर-6 भरा है।
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केवल पत्राचार पर निर्भर है निदेशालय

फार्म नंबर-6 भरने को लेकर निदेशालय सिर्फ पत्राचार कर रहा है, लेकिन उस पर कदम उठाने की बात न तो निजी स्कूल कर रहे हैं और न ही मुख्यालय। आलम यह है कि निजी स्कूल भी फार्म नंबर-6 को लेकर गंभीर नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निदेशालय उपरोक्त मामले को लेकर कितने गंभीर है।

अभिभावकों को भुगतनी पड़ेंगी परेशानियां

फार्म नंबर-6 पर शिक्षा निदेशालय व निजी स्कूल गंभीर न होने के कारण इसका असर सीधा अभिभावकों पर पड़ेगा। कारण यह है कि निजी स्कूल फार्म नंबर-6 में फीस से लेकर बढ़ाई गई सुविधाओं का विवरण नहीं देंगे तो अभिभावकों को पता नहीं चलेगा। जिस कारण असमंजस के कारण अभिभावक जब बच्चे का दाखिला करवाने के लिए निजी स्कूल जाते हैं तो अब निजी स्कूल अपने हिसाब से फीस बढा़कर अभिभावकों की जेबं ढीली करते हैं।
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