हिसार। जीजेयू के पास सर्विस लेन बनाने के मामले में वन विभाग ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से करीब डेढ़ एकड़ जमीन मांगी है। वन विभाग का तर्क है कि इस सर्विस लेन बनाने के लिए पेड़ काटे जाएंगे। इन पेड़ों के बदले में लगाए गए पौधों के लिए इस जमीन की जरूरत है। अब जब तक एनएचएआई यह जमीन वन विभाग को उपलब्ध नहीं करवाता, तब तक विभाग उसे एनओसी नहीं देगा। उधर कैंट के सामने सर्विस लेन के निर्माण में बाधा बन रही पेयजल लाइन शिफ्ट करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने एनएचएआई को एस्टीमेट नहीं दिया है, जिस कारण लाइन शिफ्ट करने का काम भी अटका पड़ा है।
बता दें कि एनएचएआई) की तरफ से कैंट, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान व राजकीय महिला महाविद्यालय के सामने सर्विस लेन का निर्माण करवाया जाना है। करीब 2 किलोमीटर लंबे बनने वाले अलग-अलग सर्विस लेन को बनाने में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सर्विस लेन के न होने से कैंट के सामने स्थित कॉलोनियों के लोगों और दोनों शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्यूरो