हिसार। जिला स्तर पर न्यायवैज्ञानिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए थाना सदर हिसार परिसर में जिला न्यायवैज्ञानिक विज्ञान प्रयोगशाला (डीएफएसएल) की स्थापना कर दी गई है। इसके साथ ही अब फिंगर प्रिंट जांच, वॉयस रिकॉर्डिंग विश्लेषण और ट्रैकिया से संबंधित तकनीकी परीक्षण हिसार में ही किए जा सकेंगे। पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने शुक्रवार को डीएफएसएल का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन अवसर पर एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा कि जिला स्तर पर डीएफएसएल की स्थापना से हिसार पुलिस की अनुसंधान कार्यशैली में तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक नया व महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा है। इससे गंभीर संज्ञेय अपराधों में अपराधियों की शीघ्र पहचान, भौतिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण और आरोपियों को न्यायालय में सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि डीएफएसएल के माध्यम से भौतिक साक्ष्य और सैंपलों का समयबद्ध निपटान संभव होगा, जिससे अनुसंधानकर्ताओं को शीघ्र रिपोर्ट मिल सकेगी। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण में भी सहायता मिलेगी। यह पहल अपराध अनुसंधान को अधिक पारदर्शी, सशक्त और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में अहम कदम है।
एसपी ने बताया कि भविष्य में डीएफएसएल परिसर में डीएसआर (साइबर) यूनिट की स्थापना की जाएगी तथा भवन के विस्तार को लेकर भी योजना पर विचार किया जा रहा है। इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर कम इंचार्ज रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब हिसार डॉ. अजय, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी कम इंचार्ज डीएफएसएल डॉ. पूनम कत्याल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन कार्यक्रम में फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट उप निरीक्षक ओमप्रकाश, विज्ञान सहायक टेक्नीशियन दीपक और संदीप, ट्रैकिया ऑपरेटर नरेश, फॉरेंसिक सहायक सुरेंद्र और गुरमीत सहित डीएफएसएल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।