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जुलाई में 10 साल में तीसरी बार सबसे अधिक तपी धरती, 42.6 डिग्री पहुंचा हिसार का तापमान

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झुलसा देने वाली गर्मी में हर कोई छाया में राहत पाना चाहता है। इंसान तो इंसान पशु-पक्षी और जानवर भी - फोटो : Hisar
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जुलाई में अधिकतम तापमान का वीरवार को छह साल का रिकॉर्ड टूट गया। वीरवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 2014 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि 2018 में 10 जुलाई को यह 42.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। वर्ष 2014 में 12 और 13 जुलाई को यह 43.5 डिग्री सेल्सियस था। अगर पिछले 10 वर्ष की बात करें तो जुलाई में यह तीसरा सर्वाधिक तापमान है। वर्ष 2014 से पहले 2012 में चार जुलाई को यह 45 डिग्री और 2009 में आठ जुलाई को 44.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। अगर जुलाई में अधिकतम तापमान के ओवरऑल रिकार्ड को देखें तो यह 13 जुलाई 1947 को 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
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इस बार अच्छी बारिश की संभावना, 2003 में हुई थी 407 एमएम
मौसम विभाग के अनुसार इस बार जिले में मानसून की अच्छी बारिश की संभावना है। मानसूनी हवाओं के कारण चार से छह जुलाई के बीच भी अच्छी बारिश के आसार हैं। उम्मीद है इस बार पूरे जुलाई में अच्छी बारिश होगी। अगर हम पिछले 10 वर्षों में जुलाई में हुई बारिश की बात करें तो पिछले 10 वर्षों में जुलाई 2016 में सबसे अधिक 241 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड जुलाई 2003 का 407 एमएम बारिश का है। वहीं, 2018 में 103.8 एमएम बारिश हुई थी।
दिनभर धूप और उमस ने किया परेशान
दिनभर कड़ी धूप और उमस ने वीरवार को भी लोगों को खूब परेशान किया। सुबह से निकली कड़ी धूप के कारण अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ 42.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कड़ी धूप के साथ ही उमस ने भी लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार सुबह के समय आर्द्रता 63 प्रतिशत मापी गई। वहीं, न्यूनतम तापमान मामूली गिरावट के साथ 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज रात मानसूनी हवाओं के कारण मौसम बदलेगा और चार से छह जुलाई के बीच अच्छी बारिश के आसार हैं।
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