आर सिटी रीजेंसी पार्क अपार्टमेंट बायर्स एसोसिएशन को फ्लैट निर्माण में हो रही देरी पर कंपनी 5 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से मुआवजा देगी। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 30 सितंबर 2018 तक फ्लैट की पजेशन देने का भी लिखित भरोसा दिया है। अमर उजाला ने 12 मार्च के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
आर सिटी रीजेंसी पार्क अपार्टमेंट बायर्स एसोसिएशन की मंगलवार को अपार्टमेंट कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी राजेंद्र मित्तल के मीटिंग हुई, जिसमें फ्लैट निर्माण में देरी को लेकर एसोसिएशन ने शिकायत रखी। हिसार हाईट की ओर से राजेश गोयल, धर्मबीर गोयत, शम्मी नागपाल भी शामिल हुए। यह भी तय हुआ कि हिसार हाईट जमीन के मुद्दे को जल्द हल कराएगी।
करीब डेढ़ घंटे हुई बैठक में तीन मुद्दों पर सहमति बनी। एमडी राजेंद्र मित्तल ने कहा कि अगले दो से ढाई महीने में फाइनेंस की व्यवस्था कर काम शुरू करा देंगे। कंपनी ने डेढ़ साल में प्रोजेक्ट को पूरा करने का फैसला लिया है, जिसके अनुसार 30 सितंबर 2018 तक प्रोजेक्ट कंप्लीट कर सभी को पजेशन दे दिया जाएगा। पजेशन मिलने तक कंपनी 5 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से बायर्स को मुआवजा देगी। मुआवजा कब से मिलना शुरू होगा यह 31 मार्च तक जानकारी दे दी जाएगी। पुराना बकाया एरियर अगली किस्त में एडजस्ट कर दिया जाएगा। फ्लैट बायर्स को पुरानी किस्त अदा करने के लिए एक मौका दिया जाएगा। कुछ जुर्माने के साथ बायर्स अपनी दोबारा से किस्त जमा कराना शुरू करा सकेंगे।
यह है मामला
सेक्टर 9-11 में वर्ष 2007-08 में हिसार हाइट ने हिसार का पहला फ्लैट प्रोजेक्ट ऑफर किया था। इसमें टू बीचएके, थ्री बीएचके तथा फोर बीएचके के 600 फ्लैट, विला ऑफर किए थे। 30 से 55 लाख रुपये तक में लोगों ने फ्लैट बुक किए। 2012-13 में हिसार हाइट ने इस प्रोजेक्ट को आर सिटी कंपनी को सौंप दिया। कंपनी को दिसंबर 2015 तक पजेशन देना था। अब तक पजेशन न मिलने पर बायर्स ने एसोसिएशन बनाकर 11 मार्च को प्रदर्शन किया था।
अदालत जाने का फैसला स्थगित
एसोसिएशन के प्रधान नितिन गोयल, उप प्रधान नरेश बंसल, सचिव दयानंद ने फिलहाल एमडी पर भरोसा किया है। एसोसिएशन अपने व्हाटस एप ग्रुप के जरिए अपडेट उपलब्ध कराती रहेगी। अदालत जाने का निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अगर कंपनी अपने वादे पूरे नहीं करेगा तो आगे इस बारे में फैसला लिया जाएगा।