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निगम कर्मचारियों पर फिक्सिंग के आरोप!

Tue, 22 Apr 2014 12:02 AM IST
हिसार
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राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेलफेयर सदस्यों ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचने वाले निगम के कर्मचारी बाजार में आने से पहले दुकानदारों व रेहड़ी वालों को कॉल कर बता देते हैं।
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उनका आरोप है कि रेहड़ी वालों और दुकानदारों के साथ तय बाजारी के लिए बाजारों में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।

उन्होंने कहा कि यह बात किसी भी दुकानदार से छुपी नहीं है, लेकिन कोई सामने नहीं आना चाहता। वेलफेयर के सदस्य एडवोकेट रवि महता का आरोप है कि सोमवार सुबह से वेलफेयर के सदस्य निगम में अतिक्रमण हटाने को लेकर फोन करते रहे।

आखिर जवाब आया कि दोपहर बाद अतिक्रमण हटेगा। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के आने से पहले ही बाजार में ऐसे कई दुकानदार थे, जिन्होंने अपना सामान अंदर रख लिया। निगम की टीम ने कुछेक दुकानदारों का सामान उठाया, किसी को धमकाया और फिर चक्कर लगाकर चली गई।
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वेलफेयर के सदस्यों का कहना है कि निगम की टीम जैसे ही बाजार में पहुंची, उससे पहले तो दुकानदारों ने सामान उठाकर रख लिया। निगम की टीम केवल खानापूर्ति कर वापस चली गई।

सदस्यों का कहना है कि उन्होंने दस दिन का निगम को अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय तक वेलफेयर इंतजार करेगी। अगर निगम अतिक्रमण हटाने को लेकर सही ढंग से हरकत में नहीं आया तो वेलफेयर का आंदोलन शुरू होगा।

नगर निगम ईओ अरविंद बिश्नोई का कहना है कि बाजार में निगम की टीम पहुंचने से पहले ही दुकानदारों और रेहड़ी वालों को अगर सूचना मिली है तो इस मामले की जांच की जाएगी।

नगर निगम अतिक्रमण हटवाने के मामले में पूरी तरह गंभीर है। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई होगी।

नगर निगम मेयर शकुंतला राजलीवाला से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारी अगर केवल खानापूर्ति कर लौट रहे हैं तो गलत है। मंगलवार सुबह निगम अधिकारियों से बात की जाएगी। बाजारों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सख्ती से होगी।

नगर निगम की टीम शनिवार को राजगुरु मार्केट से अतिक्रमण हटाने गई तो भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। निगम के कर्मचारी खुद सामान जब्त करने की बजाए खुद दुकानों के अंदर रख रहे थे। केवल 15 मिनट के इस अभियान के बाद उस दिन भी टीम वापस लौट गई थी।
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